ब्रज संस्कृति की विविधताएं सांस्कृतिक महत्त्व को करती हैं रेखांकित
ब्रज संस्कृति की विविधताएं सांस्कृतिक महत्त्व को करती हैं रेखांकित
मथुरा । ब्रज संस्कृति की विविधताएं ब्रज-मण्डल के सांस्कृतिक महत्त्व को रेखांकित करने वाली हैं, यहां की मंदिर संस्कृति में दर्शित होने वाली कला-परंपराओं की यह विशेषता है कि यह मात्र दर्शन-प्रदर्शन की वस्तु नहीं अपितु भोग-राग और श्रृंगार सेवा के माध्यम से यह स्वयं को विस्तृत फलक पर स्थापित करती हैं, यह बात वृन्दावन शोध संस्थान के अध्यक्ष आर0डी0 पालीवाल ने गुरूवार को संस्थान के सभागार में श्रीराधाबल्लभ सेवा ट्रस्ट द्वारा संस्थान को पुष्प कली श्रृंगार भेंट किये जाने तथा प्रकाशित अगस्त माह के न्यूज लैटर के लोकार्पण अवसर पर कहीं ।(20).jpg)
उन्होंने कहा संस्थान के ब्रज संस्कृति संग्रहालय में इसके प्रस्तुतिकरण द्वारा ब्रज में आने वाले श्रद्धालु पर्यटक तथा सुधीजन इस परम्परा के महत्त्व से अवगत हो सकेंगे, संस्थान के सचिव प्रवीण गुप्ता ने कहा ब्रज संस्कृति की सेवा और संवर्धन संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है, सभी के सहयोग से हमें इस दिशा में सदैव प्रयासरत रहना है, आचार्य श्रीहित सुकृतलाल गोस्वामी ने कहा ब्रज के मंदिरों में ग्रीष्मकाल की सेवा के क्रम में पुष्प कली श्रृंगार की महत्ता ब्रज साहित्य और राग सेवा के रूप में समाज गायन से भी दर्शित होती है ।
प्राचीन पाण्डुलिपियों में इसका उल्लेख मिलता है, उन्होंने कहा राधाबल्लभ मंदिर में परम्पराबद्धता के साथ श्रृंगार-सेवियों ने पुष्प कली श्रृंगार को नव आयाम दिये हैं, सायंकाल फूल बंगला में विराजित श्रीजी का पुष्प कली श्रृंगार श्रद्धालुओं को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करता है, ब्रज संस्कृति संग्रहालय की क्यूरेटर श्रीमती ममता गौतम ने बताया संग्रहालय विस्तार के क्रम में मंदिर संस्कृति से जुड़ी वीथिकाओं के अंतर्गत इस प्रकार की कला-वस्तुओं का प्रस्तुतिकरण किया जाना है, डॉ0 राजेश शर्मा द्वारा पुष्प कली श्रृंगार एवं न्यूज लैटर के संबंध में जानकारी प्रदान की गई, इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ ठा0 श्रीबांकेबिहारी जी के चित्रपट पर माल्यार्पण से हुआ, संस्थान के निदेशक डॉ0 राजीव द्विवेदी ने सभी सम्मानित सदस्यों व उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया ।







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