ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि

ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि
-जन्माष्टमी पर 75 लाख का आंकड़ा तो अब राधाष्टमी पर 35 लाख का है अनुमान  
-ब्रज की होली पर पिछले साल 45 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की रही अनुमानित संख्या
    मथुरा । ब्रज का विकास हो रहा है, ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, प्रमुख आयोजनों पर आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा कौतूहल पैदा कर रहा है, जिस तेजी के साथ श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा बढ़ रहा है, उसे देखकर यह भी कहा जा सकता है कि ब्रज में जल्द ही कई आयोजन करोडी हो जाएंगे, अभी तक गोवर्धन में लगने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेला को करोड़ मेला कहा जाता रहा है ।
  इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान 75 लाख लगाया गया जबकि राधाष्टमी पर वर्ष 2025 में 15 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान लगाया गया था जो इस बार 35 लाख तक पहुंच गया है, 2024 में यह अनुमानित आंकड़ा 10 लाख था, बताया जा रहा है कि 18 और 19 सितम्बर को पड रही राधा अष्टमी पर इस बार 35 लाख तक श्रद्धालुओं का आगमन हो सकता है, होली पर 2025 में आये श्रद्धालुओं का अनुमानित आंकड़ा 44 लाख माना जा रहा है, जिस गति से अन्य आयोजनों पर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है, यह आंकड़ा और भी बढेगा, दो चार वर्ष पीछे चले जाएंगे तो श्रद्धालुओं के आगमन की अनुमानित संख्या इतनी कम आंकी गई थी कि उसे आज सुनकर कोई भी चौंक जाएगा ।
   दो से तीन वर्ष में प्रमुख आयोजनों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ गई है, यह तब है जबकि रोडवेज और रेलवे की आमदनी का आंकड़ा उस तेजी से नहीं बढ़ा है और ना हीं ट्रेनों की संख्या, फेरे और रोडवेज बसों की संख्या में इस अनुपात में इजाफा हुआ है, यहां आने वाले पर्यटक और श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधाएं बढी हैं लेकिन इतनी भारी भरकम संख्या के मुकाबले में बेहद कम हैं, पार्किंग स्थल और वहां खड़े होने वाले वाहनों के आंकड़े भी इस बात की गवाही नहीं दे रहे हैं कि इतनी भारी संख्या में इन अवसरों पर धार्मिक पर्यटन यहां पहुंच रहे हैं ।
   आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या की गणना का कोई सटीक और वैज्ञानिक तरीका भी हैं जिससे इसकी पुष्टि हो सके, यह संख्या बल अनुमान है और अनुमानों पर ही आधारित रहता है, वर्ष 2025 में राधाष्टमी पर्व पर 15 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमानित आंकड़ा रहा जबकि इस वर्ष यह यकायक बढ़कर 35 लाख तक पहुंच गया है, हालांकि अधिकारी या कोई अन्य व्यक्ति आधिकारिक तौरा पर इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं करता है लेकिन इन आंकड़ों को प्रचारित और प्रसारित करने में कोई कोर कसर नहीं छोडी जाती है, अगर वास्तव में श्रद्धालुओं की संख्या इस तेजी से बढ रही है तो यही कहा जा सकता है कि क्षेत्र का विकास उसके अनुपात में पिछड रहा है ।

 

Letest News










Advertisement
Advertisement
About Loktantra

भारत दुनियाभर का एक मात्र ऐसा लोकतांत्रिक देश है जो जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर एक अहम स्थान रखता है हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था भी बेमिसाल है यहां ग्राम ,मोहल्ला स्तर से लेकर जनपद, प्रदेश व देश स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित है। राज्य व केंद्रीय शासन द्वारा देश के प्रत्येक जनता की समस्याओं का ध्यान रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाएं क्रियान्वित की जाती हैं |लोकतंत्र का आगाज उसी लोकतंत्रिक व्यवस्था की कड़ी के रूप में प्रत्येक नागरिक की आवाज का आगाज करते हुए समाचार प्रसारित कर शासन प्रशासन तक समस्याओं को प्रदर्शित कर व शासन-प्रशासन की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में सजग है।

Total Users: 2033167
Get In Touch

Office : faujadar market, opp. Patiram mandir, sonkh road, krishna nagar, mathura-281004

7417674275

[email protected]

Copyright ©2026 InzealInfotech. All rights reserved.