जनपद में भरपूर है रासायनिक खाद, फिर भी छोटे किसान से परेशान
जनपद में भरपूर है रासायनिक खाद, फिर भी छोटे किसान से परेशान
-खाद के बोरे के साथ जबरन थमाए जा रहे हैं दूसरे रसायन, लगेज बन रहा आफत
मथुरा । जनपद में रासायनिक उर्वरक की कोई कमी नहीं है, जिला सहकारी समिति भी यह दावा कर रही हैं, जिला कृषि अधिकारी भी यह दावा कर रहे हैं और आंकड़े दे रहे हैं कि जनपद मथुरा में रासायनिक उर्वरक की कोई कमी नहीं है, किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी, शनिवार को जनपद में इफको कंपनी द्वारा डीएपी की रैक लग जाने से मथुरा में जनपद में रासायनिक खाद की कोई कमी नहीं रहेगी ।
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इस संबंध में जानकारी देते हुए इफको कंपनी के सहायक क्षेत्र प्रबंधक सतवीर सिंह ने बताया कि सहायक निबंधक सहकारिता एवं सहायक आयुक्त द्वारा जनपद में डीएपी की रैक लग जाने का स्थलीय निरीक्षण किया गया और संतोषजनक स्थिति पाई गई, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सतबीर सिंह ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि खाद की कोई कमी नहीं है और वह अपने क्षेत्र में नियत बिक्री के दो से निर्धारित मूल्य पर डीएपी खरीद कर अपना काम चलाएं।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता ने अवगत कराया कि जनपद की समितियों पर यूरिया लगभग 2500 मीट्रिक टन से अधिक उपलब्ध है और डीएपी की आने वाली रैक के सापेक्ष जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आवंटन हो चुका है तथा प्रेषण प्रक्रियाधीन है, जनपद मे प्रचुर मात्रा में यूरिया व फास्फेट उर्वरक उपलब्धता बनी हुयी है और सुचारू रूप से वितरण किया जा रहा है, बैठक के उपरांत अध्यक्ष सहाकारी बैंक निरंजन सिंह धनगर एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता द्वारा बैंक मुख्यालय पर उपस्थित कृषकों की समस्याओं को सुनते हुए निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए, इसके बावजूद भी खाद की किल्लत से किसान जूझ रहे हैं, किसानों को खाद लाले पड रहे हैं ।
वहीं खाद की सरकारी दुकानों पर किसानों के साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया जा रहा है, किसान ओवर रेटिंग को वहन करने के लिए तैयार है, खाद की किल्लत से जूझते हुए वह कुछ अधिक पैसे चुकाने के लिए तैयार है लेकिन खाद विक्रेताओं की मनमानी किसानों को व्यथित कर रही है, खाद के बोरे के साथ विक्रेता किसानों को जबरन कीटनाशक और दूसरे कृषि में उपयोग होने वाले रसायन खरीदने को मजबूर कर रहे हैं, इस पर विक्रेताओं को अच्छी खासी बचत हो जाती है जबकि किसान के लिए यह किसी उपयोग का नहीं रहता है, किसानों को खाद के बोरे के साथ जबरन थमाए जा रहे दूसरे रसायन की किसान व उसकी खेती को कोई आवश्यकता नहीं है, यह सामान नहीं खरीदने पर किसान को खाद नहीं मिल पा रहा है, इसी बात को लेकर महावन तहसील के गांव कारब में किसानों के साथ खाद विक्रेता का झगडा हुआ, इसके बाद विक्रेता का लाइसेंस जिम्मेदार निलंबित किया गया है, किसान मजबूरी में बिना जरूरत के रसायनों का उपयोग खेती में कर रहा है जिससे किसान के पैसे के बर्बादी हो रही है और मृदा की सेहत भी खराब हो रही है ।







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