यूपीआई पर एमडीआर का विरोध, छोटे व्यापारियों में दहशत
यूपीआई पर एमडीआर का विरोध, छोटे व्यापारियों में दहशत
-कारोबारी बोले का धंधा होगा चौपट, फेम संगठन ने भी जताया सख्त विरोध
मथुरा । यूपीआई से 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (फेम) मथुरा ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा, फेम के महानगर अध्यक्ष रासबिहारी अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला व्यापार विरोधी है और इससे डिजिटल इंडिया मिशन को गहरा धक्का लगेगा ।.jpg)
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह फैसला किसी भी तरह से व्यापारी हित में नहीं है, फेडरेशन का कहना है कि 2 से 5 प्रतिशत मार्जिन वाले किराना, दवा, जूता, कपड़ा व्यापारी को रोज एक लाख पर 400 रुपये महीने के 12,000 रूपये का घाटा, देश में 65 प्रशित व्यापार पर असर इसका असर पडेगा, वॉल्यूम में भले 5 प्रतिशत लेन देन दिखें, पर वैल्यू में वही 65 प्रतिशत कारोबार हैं, हर एक बड़ा बिल इसकी चपेट में आ जाएगा, बिल स्प्लिटिंग और कैश लेन देन बढ़ेगा ।
संगठन ने आरोप लगाया कि यह फैसला अमेरिकी कंपनी वीजा, मास्टर कार्ड के दबाव में लिया गया है, इसका पैसा विदेशी निवेश वाले बैंकों में जाएगा, फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल ने मांग की कि यूपीआई को पूरी तरह फ्री रखा जाए, अगर एमडीआर जरूरी है तो सरकार खुद सब्सिडी दे और एमडीआर को आयकर में खर्च माना जाए, फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया व्यापार मंडल ने सरकार से व्यापारियों एवं ग्राहकों के लिए इस अनुचित नियम को तुरंत रद्द करने की मांग करते हुए अपना विरोध जताया है, फेम मथुरा के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह, जिला महामंत्री सुभाष सैनी, सौरभ अग्रवाल, पंकज सिघल, मनमोहन अग्रवाल, कन्हैया दास आदि सैकड़ों व्यापारियों ने सरकार से इस नियम को रद्द करने की मांग की है ।



















