नासिक ढोल की थाप पर झूमने लगा ब्रज, थिरके प्रतिभागी
नासिक ढोल की थाप पर झूमने लगा ब्रज, थिरके प्रतिभागी
-ब्रज कला चौपाल संस्था द्वारा आयोजित की ‘ब्रज डांडिया नाइट’ में हुआ गरबा
मथुरा । जवाहर बाग ओपन थिएटर में नासिक ढोल की गूंज, डांडिया की खनक और गरबा की थाप के बीच उत्सव के रंग बिखरते नजर आए, ब्रज कला चौपाल संस्था की ओर से आयोजित ‘ब्रज डांडिया नाइट 2026’ में प्रतिभागियों ने गरबा, डांडिया, बॉलीवुड संगीत और पारंपरिक लोक नृत्यों पर जमकर धमाल मचाया, ‘गुजरात के रंग, ब्रज के संग’ थीम पर सजी सांस्कृतिक संध्या में गुजरात, मेवाड़ और ब्रज की लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला, रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया ।.png)
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण सचिव आशीष कुमार सिंह, ऐश्वर्या कौशिक, डीडीओ गरिमा खरे, विनीत अग्रवाल, राजेश यादव, इं0 बलबीर सिंह, परवेज, राजेश यादव, सुनील सोलंकी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, ब्रज कला चौपाल की संस्थापिका नम्रता सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, इसके बाद माता की आरती और गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक संध्या का आगाज हुआ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में गुजरात की परंपरा पर आधारित डाकला नृत्य ने दर्शकों का ध्यान खींचा, बॉलीवुड डांडिया गीतों की धुन पर प्रतिभागी उत्साह के साथ थिरकते नजर आए ।
संस्था की संस्थापिका नम्रता सिंह ने कृष्ण भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं मां काली और महिषासुर पर आधारित नृत्य प्रस्तुति के जरिए शक्ति उपासना का संदेश दिया गया, मेवाड़ के पारंपरिक नृत्य ने राजस्थान की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी, इसके बाद गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों ने आयोजन में उत्साह का रंग और गहरा कर दिया, नासिक ढोल की गूंज के साथ जैसे ही डांडिया की लय तेज हुई, प्रतिभागी खुद को थिरकने से रोक नहीं सके, देर शाम तक चले आयोजन में संगीत, नृत्य और उल्लास का ऐसा संगम नजर आया कि पूरा परिसर उत्सवी रंग में रंग गया, संस्थापिका नम्रता सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर लाने के साथ नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ना है ।













