जैन जी ने मजबूती से अपनी बात रखी, भाषा में मर्यादा भी जरूरी
जैन जी ने मजबूती से अपनी बात रखी, भाषा में मर्यादा भी जरूरी
वृन्दावन । ठा. श्री प्रियाकान्तजु मंदिर पर हजारों शिष्यों ने धर्मगुरु देवकीनंदन ठाकुर महाराज का पूजन कर प्राचीन गुरू-शिष्य परम्परा का निर्वहन किया, देवकीनंदन महाराज ने विभिन्न स्थानों से आये शिष्यों को नशामुक्त सात्विक जीवन जीने एवं धर्मानुसार सद् आचरण करने का उपदेश दिया, देर सांय तक गुरू पूजन का क्रम चलता रहा, छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्तजु मंदिर के शांति सेवा सभागृह में गुरूपुर्णिमा महोत्सव मनाया गया ।
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देवकीनंदन महाराज के मंदिर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया, कोलकाता से आये भक्तों ने आरती उतारी, तत्पश्चात गुरू पूजन एवं आर्शीवचन कार्यक्रम आयोजित हुआ, शिष्यों को सात्विक जीवनशैली का उपदेश करते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि धर्म के बताये मार्ग पर चल कर अपने लोक और परलोक को सुधारना चाहिये, जैन जी के युवाओं को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि हम अपनी बात को पूरी मजबूती से आगे रख सकें हैं लेकिन हमें अपनी भाषा और मर्यादा का भी ज्ञान होना चाहिये, हमें यह याद रखना चाहिये कि हम किस प्रकार से अपनी बात कह रहे हैं।







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