ध्रुपद धमार की स्वर लहरियों में सराबोर हुई ललित कुंज
ध्रुपद धमार की स्वर लहरियों में सराबोर हुई ललित कुंज
वृंदावन । स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट द्वारा ललित कुंज में आयोजित रसिक अनन्य नृपति स्वामी हरिदास के 546वें आविर्भाव महोत्सव का द्वितीय दिवस भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता के विविध रंगों से सराबोर रहा, महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ध्रुपद-धमार संगीत समारोह एवं भजन संध्या में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं, संगीत प्रेमियों और संत-महात्माओं ने सहभागिता कर स्वामी हरिदास की दिव्य परंपरा को नमन किया ।(71).jpg)
महंत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की गौरवशाली परंपरा में स्वामी हरिदास का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने न केवल भक्ति संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि तानसेन जैसे महान संगीतज्ञ को भी दिशा प्रदान की, आज भी उनकी साधना और संगीत परंपरा विश्वभर के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है, इससे पूर्व प्रातःकालीन सत्र में स्वामीजी की प्रतिमा पर पुष्पार्चन के साथ शुभारंभ हुआ, ध्रुपद-धमार शैली में भगवान राधाकृष्ण एवं स्वामी हरिदास की महिमा का गुणगान किया ।.jpg)
स्वामीजी के शिष्य तानसेन के जन्म स्थान ग्वालियर से आई रजनी शर्मा एवं जयपुर के बाल गायक यश और राज की मधुर स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रोतागण संगीत रस में डूब गए, संगीत प्रेमियों ने उनकी प्रस्तुति की मुक्त कंठ से सराहना की, सायंकाल आयोजित भव्य भजन संध्या में ममता सांवरिया एवं दया चंद ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया, महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देवजू, महामंडलेश्वर मां ध्यानमूर्ति गिरी, हरिओम शास्त्री, उमेश, पुरुषोत्तम, नवल सखी, प्रिया शरण, योगेश, हनी, शिवम, अविलाख, कृष्णा, सूरज आदि मौजूद रहे ।


















