छाता शुगर मिल आंदोलन के दौरान दर्ज हुई पहली एफआईआर
छाता शुगर मिल आंदोलन के दौरान दर्ज हुई पहली एफआईआर
-एफआईआर में चार नामजद सहित 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ हुई रिपोर्ट
मथुरा । पिछले करीब 40 दिन से छाता शुगर को चालू कराने जाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में पहली एफआईआर दर्ज हुई है, एफआईआर में एक महिला सहित कुल चार लोगों को नाम दर्ज किया गया है जबकि 100 से 150 को अज्ञात में शामिल किया गया है, रिटायर्ड सूबेदार ललित तालान, पूर्व प्रधान कोटवन जबर सिंह, दिगम्बर चौधरी, नुन्ना देवी सहित 100 से 150 अज्ञात के लोगों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 191(2), 352, 351 (3), 196 (1) (ए), 61 (2) व एससी, एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज हुई है ।.jpg)
थाना कोसीकला में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिर्राज पुत्र रघुवीर सिंह ग्राम बठैन गेट व्याना कोसीकला ने यह एफआईआर दर्ज कराई है, गिर्राज ने आरोप लगाया है कि 20 सितम्बर को सोशल मीडिया के माध्यम से उनके फोन पर विभिन्न वीडियो प्राप्त हुए जिसमें एक वीडियो छाता शुगर मिल पर चल रहे अवैध धरने के दौरान धरने का संचालन कर रहे रिटायर्ड सूबेदार ललित तालान, जबर सिंह पूर्व प्रधान कोटवन तथा छाता निवासी दिगम्बर चौधरी के नेतृत्व में धरने में शामिल अन्य 100 से 150 अज्ञात महिला पुरुषों के द्वारा षड्यंत्र के तहत चौधरी लक्ष्मीनारायण मंत्री पर एक महिला श्रीमती नुन्ना पत्नी रमेश निवासी दद्दी गढ़ी थाना छाता से धरने को सम्बोधित कराते हुए अभद्र टिप्पणी की गई तथा हरिजन समाज को लेकर भी आहत करने वाली टिप्पणी की गई ।
इन लोगों द्वारा वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफर्म पर शेयर भी किया गया है जिससे वाल्मिकि समाज में रोष व्याप्त है, इन लोगों के द्वारा हमारे वाल्मिकि समाज को अपमानित करने के लिए शब्दों का प्रयोग कराया गया है, ऐसा एक बार नहीं इनके मंच से इनके गुर्गों द्वारा कई बार किया जा चुका हैं जिसके सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो सबूत हैं, इनके इस कृत्य से समाज में वैमनस्यता बढ़ रही हैं और इनके द्वारा जान बूझ कर अपने निहित स्वार्थों के लिए समाज में जातीय तनाव पैदा किया जा रहा हैं ।



















