जनमानस ने कृष्ण शब्द से पूर्व राधा कहना श्रेयस्कर समझा
जनमानस ने कृष्ण शब्द से पूर्व राधा कहना श्रेयस्कर समझा
वृंदावन । राधा अष्टमी के दो दिवसीय पर्व के अंतर्गत श्रौतमुनि निवास आश्रम स्थित श्रीमुरली मनोहर मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, सांयकाल भव्य फूलबंगला सजाकर छप्पन भोग भी अर्पित किया गया, महंत अद्वैतमुनि महाराज ने कहा कि भारतीय जनमानस ने कृष्ण शब्द कहने से पूर्व राधा कहना श्रेयस्कर समझा और कृष्ण के मन-मंदिर में प्रतिष्ठित राधा को हर कृष्ण मंदिर में प्रतिष्ठा दी ।.jpg)
उन्होंने कहा कि कृष्ण के पास राधा के रूप में वह संबल था जिसके बल पर वह सबकुछ छोड़ सके, जन्म लेते ही अपने माता-पिता को छोड़ा, फिर यशोदा और नन्द को भी छोड़ा, गोकुल छोड़ा, यमुना का पुलिन छोड़ा, कदम्ब की छाँह छोडी, करील के कुञ्ज छोड़ा, वंशी छोडी, राधा को छोड़ा, मथुरा का सिंहासन छोड़ा, मथुरा भी छोडी, द्वारिका बसाया किन्तु उसका भी सिंहासन छोड़ा, जीवन भर द्वारिका भी छोड़े ही रहे ।
इससे पूर्व प्रातः काल राधारानी का पंचामृत से अभिषेक कर उन्हें नवीन पोशाक धारण कराई गई। सांयकाल राधाकृष्ण के समक्ष छप्पन भोग अर्पित किए गए, इस दौरान स्वामी श्यामानंद, स्वामी अनिलानंद, कृष्णा तिवारी, संगम शर्मा, शिवम अरजरिया, प्रकाश चावला, सुनील गौतम, अंकित त्रिपाठी, नंदकिशोर शर्मा, सचिन मिश्रा, मोहित शर्मा, अखिलेश वशिष्ठ, शैलेंद्र तिवारी, ऋषि मिश्रा आदि उपस्थित थे ।



















