गोकुल में एक मार्च को होगी बाल कृष्ण की "छड़ीमार" होली
गोकुल में एक मार्च को होगी बाल कृष्ण की "छड़ीमार" होली
-पहली बार आसमान से बरसेंगे फूल, मुरलीधर घाट पर बिखरेगा भक्ति का रंग
गोकुल (मथुरा) । कान्हा की क्रीड़ास्थली गोकुल में इस बार "छड़ीमार होली" का आयोजन ऐतिहासिक और भव्य होने जा रहा है, मंदिर प्रबंधक एवं सेवायत राजीव भाटिया ने बताया कि एक मार्च को नंद भवन मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित होने वाली इस विश्व प्रसिद्ध होली में श्रद्धालुओं को एक नया अनुभव मिलेगा, इस वर्ष छड़ीमार होली के दौरान ‘उड़न खटोले’ (हेलीकॉप्टर) के माध्यम से आकाश से पुष्पवर्षा करने की योजना बनाई गई है, जो इस उत्सव को और भी दिव्य बनाएगी ।
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नंद भवन मंदिर के सेवायत व प्रबंधक राजीव भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव का शुभारंभ एक मार्च को प्रातः 11:00 बजे होगा, ठाकुर जी का बाल-स्वरूप डोला गाजे-बाजे के साथ नंद भवन से रवाना होगा, यह डोला नगर भ्रमण करते हुए गोकुल की कुंज गलियों से गुजरकर मुरलीधर घाट पहुंचेगा, यहाँ विशेष रूप से तैयार किए गए भव्य पंडाल में ठाकुर जी को विराजमान किया जाएगा, जिसके बाद विधिवत छड़ीमार होली का आगाज़ होगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित और मंदिर के सेवायत गोस्वामी पुजारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया, सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मुरलीधर घाट पर विशेष इंतजाम किए गए हैं, प्रशासन और मंदिर कमेटी इस कोशिश में है कि देश विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बाल कृष्ण की इस अनूठी होली के सुलभ दर्शन प्राप्त हो सकें, गोकुल की होली अपनी सौम्यता और वात्सल्य भाव के लिए जानी जाती है, यहाँ गोपियां लाठियों की जगह छोटी छड़ियों से बाल-कृष्ण स्वरूपों के साथ होली खेलती हैं। मंदिर सेवायतों ने देशवासियों और ब्रजवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा है कि इस अलौकिक आनंद का लाभ लेने के लिए भारी संख्या में गोकुल पधारें। इस बार की छड़ीमार होली को अभूतपूर्व बनाने के लिए पुष्पवर्षा और विशेष सजावट की जा रही है ।







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