संस्कृत भारती के प्रांतीय प्रशिक्षण वर्ग का दीक्षांत समारोह संपन्न
संस्कृत भारती के प्रांतीय प्रशिक्षण वर्ग का दीक्षांत समारोह संपन्न
मथुरा । श्री कृष्णचन्द्र गान्धी सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज में संस्कृत भारती (पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) द्वारा आयोजित प्रान्तीय प्रशिक्षण वर्ग और दीक्षांत समारोह का समापन विभिन्न कार्यक्रमों के साथ हो गया, समापन सत्र में मुख्य अतिथि मुकेश खाण्डिलकर ने कहा कि मूल की रक्षा के बिना शाखाएं पुष्ट नहीं हो सकतीं, भारत को गहराई से जानने के लिए संस्कृत का अध्ययन अनिवार्य है, हमारी संपूर्ण भारतीय ज्ञान परंपरा संस्कृत के बिना अधूरी है ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र पण्डया ने भारत की एकात्मकता और अखंडता को अक्षुण्ण (अक्षत) बनाए रखने पर बल दिया, उन्होंने देश के 6 लाख गांवों तक संस्कृत संभाषण शिविरों के आयोजन की आवश्यकता बताई, कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत गौरवानन्द महाराज ने धर्म के मार्ग पर चलने और हर घर में धार्मिक पुस्तकों के नियमित अध्ययन का संकल्प दिलाया, समाजसेवी अतर सिंह चौधरी उपस्थित रहे, वर्ग के कुशल संचालन के लिए वर्गाधिकारी ब्रजेश कुमार शर्मा ने सभी प्रबंधकों और प्रशिक्षकों की सराहना की, न्यास अध्यक्ष ओमप्रकाश बंसल ने आश्वासन दिया कि समाज और भाषा के उत्थान के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षक्षण वर्ग भविष्य में भी निरंतर आयोजित होते रहेंगे ।
भावपूर्ण समारोह में सभी छात्रों ने अंधकार को दूर करते हुए दीप से दीप जलाए, छात्रों ने संस्कृत भाषा के माध्यम से एक सशक्त, रामृद्ध और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना सर्वस्य योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया, इससे पूर्व वर्ग का विस्तृत प्रतिवेदन प्रशिक्षण प्रमुखा भाग्यवती द्वारा प्रस्तुत किया गया, कार्यक्रम का संचालन वर्गार्थी छात्र चंदन ने किया, अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन मंत्री धर्मेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया, इस दौरान उत्तराखंड से नागेन्द्र व्यास, आगरा से दीपिका, उत्तराखंड के प्रांत संगठन मंत्री गौरव शास्त्री, मेरठ प्रांत के संगठन मंत्री योगेश विद्यार्थी, हरस्वरुप, राधाकांत, आकाश, व्योग, अक्षय, राधा, कोमल, विजय आदि उपस्थित रहे ।






.jpeg)









