मथुरा के 52 हजार किसानों की नहीं बनी फार्मर रजिस्ट्री
मथुरा के 52 हजार किसानों की नहीं बनी फार्मर रजिस्ट्री
-फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनने से किसानों की अटक सकती है सम्मान निधि
मथुरा । जनपद के 52 हजार किसान ऐसे हैं जिनकी फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं बन पाई है, ऐसे में इन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल पाएगी, इन किसानों के अंश निर्धारण नही होने और खतौनी में किसानों के नाम आदि में अंतर के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पा रही है, फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी गई है, तहसीलों के साथ समन्वय कर इस अभियान को अंतिम चरण में ले जाया जाएगा ।
फार्मर रजिस्ट्री अभियान की रिपोर्ट कृषि विभाग ने डीएम को सौंप दी है, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले में 3.10 लाख किसान पंजीकृत हैं, इनमें से 2.58 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अब तक बन चुकी है जो 83 प्रतिशत है जबकि 4039 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री सत्यापन के लिए शेष है, फार्मर रजिस्ट्री शासन की प्राथमिकता में है, इसे पूरा करने का लक्ष्य मार्च में ही पूरा हो गया था, इसके बाद भी करीब 17 प्रतिशत किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित हैं ।
डीएम को कृषि विभाग ने जो रिपोर्ट सौंपी है, उसके अनुसार अभी 52 हजार किसान फार्मर रजिस्ट्री से शेष हैं, इनमें 19 हजार किसान अंश निर्धारण के, 10 हजार किसान खतौनी में दर्ज नाम में अंतर और 22 हजार किसान अन्य कारणों से फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार अन्य कारण वाले किसान ऐसे हैं जिनके अंश निर्धारण की कार्रवाई पूरी है, खतौनी में नाम भी सही दर्ज है लेकिन उनको लगता है कि केसीसी आदि की किस्त फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद से उनके खाते से स्वत: कटने लगेगी।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने अंश निर्धारण और नाम में अंतर के लिए कृषि विभाग और तहसील प्रशासन के समन्वय के लिए कहा है, जो किसान अपने अभिलेख जमा नहीं करा रहे हैं, उनसे लगातार संपर्क की जिम्मेदारी कृषि कर्मचारियों की होगी, डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि लेखपालों की उपस्थिति में खुली बैठक और कैंप आयोजित कराएं, इस कार्य के लिए विशेष अभियान चलेगा ।







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