मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही दो दर्जन नेता और गोस्वामी "नजरबंद"
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही दो दर्जन नेता और गोस्वामी "नजरबंद"
-मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने या प्रदर्शन करने की सूचना पर किया गया हाउस अरेस्ट
मथुरा । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा वृन्दावन आगमन को लेकर जहाँ प्रशासन पल पल की तैयारियों में जुटा रहा, वहीं पुलिस और इंटेलिजेंस विभाग ने विरोध की किसी भी आशंका को जड़ से खत्म करने के लिए बड़ा ‘ऑपरेशन’ चलाया, जैसे ही इनपुट मिला कि कुछ संगठन मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने या प्रदर्शन करने की फिराक में हैं जिसके बाद पुलिस ने करीब दो दर्जन से अधिक नेताओं और गोस्वामियों को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया ।

इंटेलिजेंस से प्राप्त गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सुबह से ही धरपकड़ शुरू कर दी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर और महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकदम को उनके आवास पर ही रोक दिया गया, इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता अनाम धन्य तिवारी, रालोद नेता गौरव चतुर्वेदी और बबल नाथ चतुर्वेदी, वृंदावन में युवा सपा नेता अंकित वार्ष्णेय को भी पुलिस की निगरानी में रखा गया है, हैरानी की बात यह है कि इस बार राजनीतिज्ञों के साथ-साथ वृन्दावन बिहारी जी मंदिर के कुछ गोस्वामियों को भी उनके घरों में नजरबंद किया गया ताकि वे किसी भी प्रकार का विरोध दर्ज नही करा सकें ।
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सूत्रों के अनुसार नजरबंद किए गए लोगों में से कई ऐसे हैं जो मुख्यमंत्री को यमुना शुद्धिकरण के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे, सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक नही हो इसके लिए वृन्दावन और मथुरा कोतवाली में भी कई संदिग्धों को बिठाया गया, मुख्यमंत्री का मथुरा दौरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन पूजन का कार्यक्रम शाम तक चला, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम ने इस कार्रवाई पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि प्रशासन ने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया है, क्या जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री से कहना अपराध है ? क्या वे केवल भाजपाइयों के मुख्यमंत्री हैं ?” उन्होंने साफ किया कि नजरबंदी से माँ यमुना की मुक्ति का संघर्ष थमने वाला नहीं है ।
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