द्वारकाधीश मंदिर में नृसिंह लीला का हुआ मंचन, बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
द्वारकाधीश मंदिर में नृसिंह लीला का हुआ मंचन, बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
मथुरा । पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के सुप्रसिद्ध मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ0 वागीश कुमार महाराज की आज्ञा और मार्गदर्शन में मंदिर के सभी कार्यक्रम निर्धारित एवं संचालित किए जाते हैं, इसी क्रम में गुरुवार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में सायं 5:40 बजे से भव्य श्नृसिंह लीलाश् का मंचन प्रारंभ हुआ, सायं 6:15 बजे मंदिर में भगवान नरसिंह के प्राकट्य (जन्म) के दर्शन खुले ।
पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को भगवान की भक्ति करने से रोका और उन्हें अनेक प्रकार से प्रताड़ित किया, हिरण्यकश्यप को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि वह न किसी अस्त्र से मरेगा न शस्त्र से, न दिन में न रात में, और न मनुष्य से न पशु से मरेगा, जब हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को चुनौती देते हुए पूछा कि तेरा भगवान कहाँ है ?, तब भक्त की रक्षा हेतु भगवान नरसिंह खंभा फाड़कर प्रकट हुए, भगवान ने अपनी गोद में लिटाकर, देहरी पर बैठकर, अपने नाखूनों से हिरण्यकश्यप का वध किया, इस प्रकार न वरदान खंडित हुआ और न ही अत्याचारी जीवित बचा, मंदिर प्रांगण में हुई इस लीला में नरसिंह जी का स्वरूप सभासद संतोष पाठक ने निभाया, इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और संपूर्ण परिसर नरसिंह भगवान की जय के जयकारों से गुंजायमान हो उठा ।







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