पहले दिन ई रिक्शा चालकों की हडताल का दिखा आंशिक असर
पहले दिन ई रिक्शा चालकों की हडताल का दिखा आंशिक असर
-चालकों का आरोप, रूट वितरण के बाद भी काटे जा रहे है, 20 हजार के चालान
-लॉक डाउन के बाद बडी संख्या में स्वरोजगार के तौर पर ऑटो ई रिक्शा चलाने लगे हैं युवा
मथुरा । मथुरा वृंदावन महानगर सहित नगर निगम से जुड़े 10 रूटों पर चलने वाले करीब 27 हजार ऑटो ई रिक्शा चालकों ने रविवार से मंगलवार तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था, रविवार को महानगर में हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला, खासकर वृंदावन के अंदर हड़ताल का कुछ असर जरूर देखने को मिला, पिछले साल नगर निगम ने मथुरा वृंदावन महानगर के अंदर चलने वाले ऑटो और ई रिक्शा के लिए रूट निर्धारण किया था ।
नगर निगम की ओर से कुल 10 रूट तय किये गये थे और रजिस्ट्रेशन शुल्क तीन हजार रुपये तय हुआ था, शुरुआत में सबकुछ ठीक रहा और नगर निगम की ओर से इस बात का व्यापक प्रचार प्रसार भी किया गया लेकिन निर्धारित तिथि तक कुछ ही ऑटो और ई रिक्शा चालकों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया, अंतिम तिथि निकलने के बाद नगर निगम ने पुलिस प्रशासन की मदद से रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए चालान और सीलिंग की कार्यवाही की ।
कार्यवाही से पैदा हुई हडबडाहट में एक साथ भारी संख्या में वाहन चालक अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नगर निगम की ओर से धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में रजिस्ट्रेशन के लिए जुटने लगे, यहां भीड़ का बेजां दबाव बनने पर कुछ लोगों ने इसका लाभ उठाना शुरू कर दिया और अतिरिक्त शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन होने की बातें भी अधिकारियों तक पहुंची, इसी बीच नगर निगम की ओर से प्रमुख रूटों पर रजिस्ट्रेशन बंद कर दिये गये और इसके पीछे तर्क दिया गया कि लक्ष्य के मुताबिक रजिस्ट्रेशन पूरे हो चुके हैं, यहीं से अवैध वसूली का खेल भी शुरू हुआ और ऑटो व ई रिक्शा चालकों की बेचैनी भी बढने लगी।
हड़ताल का ऐलान हुआ और भारी तादाद में ऑटो और ई रिक्शा चालक रेलवे ग्राउंड में एकत्रित हुए, यहां से वह प्रदेश सरकार में मंत्री चौधरी लक्ष्मी नरायण के मयूर विहार स्थित आवास पर पहुचे और जोरदार प्रदर्शन कर अपनी बात रखी, मंत्री के आश्वासन के बाद मामला रफा दफा हुआ, बताया गया कि इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक हुई और कुछ दिन के लिए सख्ती कम करने की बात हुई। इसके बाद मामला सामान्य हो गया। कुछ महीने बाद एक बार फिर नगर निगम की ओर से रूट नम्बर पर नहीं चलने और बिना रूट रजिस्ट्रेशन के नगर निगम की सीमा में सड़कों पर ऑटो और ई रिक्शा चलाने पर चालान और सीज करने की कार्यवाही होने लगी, लगातार बडी संख्या में वाहनों के सीज किये जाने के बाद फिर एक बार पहले जैसे हालात बनने लगे और ऑटो और ई रिक्शा चालकों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया ।
ऑटो चालकों की ओर से आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि रूट रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी पैसों की मांग की जा रही है, हालांकि रूट का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए ही मान्य था, चालकों का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने से पहले की कार्यवाही शुरू कर दी गई है, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों और पुलिस उत्पीड़न के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल का बड़ा ऐलान कर दिया है, चालकों का आरोप है कि रूट प्रणाली के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है और भारी-भरकम चालान काटे जा रहे हैं, इस तीन दिवसीय महा हड़ताल के कारण धर्मनगरी में वीकेंड पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं, पर्यटकों व स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है ।







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