उच्च राशि गुरु चंद्रमा की दिव्यता के मध्य मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
उच्च राशि गुरु चंद्रमा की दिव्यता के मध्य मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
-5253वें वर्ष में प्रवेश करेंगे अजन्मे गोविंद, जन्माष्टमी व्रत का विशेष धार्मिक महत्व
मथुरा । भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव इस वर्ष उच्च राशि में स्थित बृहस्पति एवं चंद्रमा की दिव्य स्थिति के बीच भव्यता, श्रद्धा और हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा, जन्माष्टमी के अवसर पर ग्रह नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति को देखते हुए इस बार पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया है, ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण के स्कंध 12, अध्याय 2, श्लोक संख्या 33 के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य से जुड़ी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है, इस वर्ष जन्माष्टमी पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी पर्व की महिमा को बढ़ाने वाली है ।
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उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के 5252 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि से अजन्मा गोविंद 5253 वें वर्ष में प्रवेश करेंगे, इस दृष्टि से इस वर्ष का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव विशेष धार्मिक महत्व वाला माना जा रहा है, श्रीमद्भागवत एवं भविष्य पुराण के अनुसार द्वापर युग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मथुरापुरी में कंस के कारागार में रात्रि 12 बजे निशीथ बेला में वृषभ लग्न में अजन्मा भगवान श्रीकृष्ण प्रकट हुए थे, नारायण प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस वर्ष शनि ग्रह वक्र गति में चल रहा है, साथ ही भाद्रपद मास में पांच शनिवार पड़ रहे हैं, ग्रहों की इस स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं को विशेष रूप से जन्माष्टमी जैसे पवित्र पर्व पर सात्विक जीवनशैली अपनाने और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से मन को शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है ।
उन्होंने बताया कि उच्च राशि में स्थित बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, अध्यात्म और शुभता का कारक माना गया है, वहीं चंद्रमा की स्थिति मन और भावनाओं से जुड़ी होने के कारण जन्माष्टमी के अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिक भाव को और प्रबल करने वाली है, ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करेंगे और मध्यरात्रि में उनके प्राकट्य के समय विधि विधान से जन्मोत्सव मनाएंगे, सौरभ शास्त्री, ऋषभ देव एवं प्रियांशु ने कहा कि जन्मभूमि मथुरा में मनाया जाने वाला श्रीकृष्ण जन्मोत्सव विश्व के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर इस पावन अवसर का साक्षी बनना अपने आप में सौभाग्य की बात है ।
रक्षाबंधन के बाद अब श्री कृष्णोत्सव को लेकर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं, जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही है, जन्माष्ट्मी पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, यातायात डायवर्जन, भीड़ नियंत्रण और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं, इस बार पिछले साल से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसे देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित व्यवस्था सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, विद्युत, पेयजल आदि व्यवस्थाओं को अंजाम दिया जा रहा है, श्रीकृष्ण जन्मभूमि सहित अन्य मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ शहर को सजाने-संवारने का काम भी चल रहा है ।







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