कला-संस्कृति, भक्ति के रंगों से सराबोर हुआ रसखान समाधि परिसर
कला-संस्कृति, भक्ति के रंगों से सराबोर हुआ रसखान समाधि परिसर
- उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष, सीईओ, विप्रा सचिव ने किया अवलोकन
महावन । उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जीएलए विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में रसखान-ताज बीबी समाधि परिसर में आयोजित पांच दिवसीय सांझी महोत्सव का शनिवार को समापन हो गया, अंतिम दिन सूफी गायक मधुकर की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही, उन्होंने रसखान, ताज बीबी और सांझी परंपरा से जुड़े पदों का गायन कर भक्ति और सूफियाना भावों का संगम प्रस्तुत किया। .png)
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जीएलए विवि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सांझी महोत्सव के पांच दिनों में ब्रज की पारंपरिक सांझी कला, श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित चित्रांकन, लोकसंगीत, कथक नृत्य और ब्रजभाषा कवि सम्मेलन की प्रस्तुतियां हुईं, कलाकारों ने सूखे रंगों और पानी पर सांझी के विविध स्वरूप तैयार किए, गोबर से बनी सांझी और कैनवास पर श्रीकृष्ण की लीलाओं के चित्र भी आकर्षण का केंद्र रहे, नई पीढ़ी को पारंपरिक कला से जोड़ने के लिए दो दिवसीय दक्ष एजुकेशन इंस्टीट्यूट के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें सांझी बनाने की तकनीक सीखी ।
संगोष्ठी में कलाकारों और शिक्षाविदों ने सांझी कला के संरक्षण और इसके प्रचार-प्रसार पर विचार साझा किए, महोत्सव के दौरान मुक्ताकाशी मंच पर ब्रज लोक कलाकारों ने भजन, लोकगीत और जिकड़ी भजन प्रस्तुत किए, कथक कलाकार चेतन शर्मा की प्रस्तुति तथा ब्रजभाषा कवि सम्मेलन ने आयोजन को सांस्कृतिक रंग प्रदान किए, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, श्रीमती मंजिरी मिश्र, सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने सांझी कला को देखा, कलाकारों से बातचीत की और उनकी प्रतिभा की प्रसंशा करते हुए कलाकारों को सम्मानित किया, मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार ने भी महोत्सव का भ्रमण कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, परिषद के कार्यपालक अधिकारी राजीव पांडेय ने प्रतिभागी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए ।













