हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ से शुरू होगा ब्रज रज उत्सव
हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ से शुरू होगा ब्रज रज उत्सव
-सौरभ राज जैन, लखवीर सिंह लक्खा, इशिता विश्वकर्मा समेत कई कलाकार बिखेरेंगे रंग
मथुरा । ब्रज रज उत्सव-2026 में इस बार देश के प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेंगी, 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाले 11 दिवसीय उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ से होगी, वह 23 अक्टूबर को शाम छह बजे वृंदावन स्थित नवनिर्मित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में प्रस्तुति देंगी, इस बार पहली बार वृंदावन को भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए चुना गया है, वहीं धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड पर भी प्रतिदिन संगीत, भजन और लोककला के कार्यक्रम होंगे ।.png)
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ब्रज रज उत्सव में वृंदावन के स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में 25 अक्टूबर को सौरभ राज जैन की नाटय प्रस्तुति ‘मेरे कृष्ण’, 26 अक्टूबर को गीता शोध संस्थान की रासलीला और 27 अक्टूबर को शिवानी मिश्रा की ‘कलर्स ऑफ यूपी’ प्रस्तुति होगी, ब्रज रज उत्सव के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है।
इस बार उत्सव में देश के प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहेंगी, पहली बार वृंदावन स्थित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, उत्सव में स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के शिल्प, हस्तकला और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से लोगों को विविध क्षेत्रों की कला एवं संस्कृति से परिचित कराया जाएगा, उत्सव का उद्देश्य ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना भी है ।
धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर 24 अक्टूबर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा, यहां देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे, धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, उत्सव में देशभर के शिल्प एवं हस्तकला उत्पादों, विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों, ब्रज के पारंपरिक खानपान और मनोरंजन के साधनों की भी व्यवस्था रहेगी ।













