गिर्राज महाराज को स्वयंसेवकों ने सुनाया घोष, लिया आशीर्वाद
गिर्राज महाराज को स्वयंसेवकों ने सुनाया घोष, लिया आशीर्वाद
मथुरा । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर ब्रज प्रान्त के स्वयंसेवकों ने घोष के साथ गिर्राज महाराज की परिक्रमा पूर्ण की, कार्यक्रम के विषय में बताते हुए प्रान्त के शारीरिक शिक्षण प्रमुख महावीर ने बताया कि पिछले एक वर्ष से संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है और इसमें विभिन्न तरीके के अनेकानेक कार्यक्रम किए गए, कोई कार्यक्रम स्वयंसेवकों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हुआ तो कोई समाज जागरण के लिए, किसी कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को जोड़ना हुआ तो किसी में सामाजिक सामंजस्य का तानाबाना सही करना रहा, यह सभी कार्यक्रम सफलता पूर्वक पूर्ण हुए इस हेतु ब्रज की पावन धरा पे संघ के स्वयंसेवकों द्वारा प्रभु को धन्यवाद ज्ञापित करने एवं आगे भी समाज कार्य करने हेतु आशीर्वाद की आकांक्षा से आज घोष के साथ गिर्राज जी की परिक्रमा लगाई जा रही है। 
कार्यक्रम में श्रीजी की हवेली परिक्रमा मार्ग पर श्रीजी बाबा परिवार के स्वयंसेवक रमाकांत गोस्वामी ने कहा कि देवताओं में शरद पूर्णिमा का बड़ा महत्त्व है अनेक रंगारंग कार्यक्रम इस दिन आयोजित होते रहे हैं जिसमें कि योगीराज भगवान श्री कृष्ण द्वारा रचाया गया महारास भी इसी दिन की महत्वता को बढ़ाता है, ऐसे पावन अवसर पर अपने गिर्राज जी को रिझाने के लिए संघ के स्वयंसेवकों द्वारा घोष के साथ परिक्रमा लगाना एक अनूठा ही प्रयोग है, वाद्य यंत्रों पर बजती रचनाओं से परिक्रमा का आनंद और बढ़ गया है ।.jpg)
परिक्रमा के समापन पर प्रान्त के प्रचारक धर्मेंद्र ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वैसे भी गिर्राज महाराज की परिक्रमा सरल कार्य नहीं है, उस पर भी वाद्य यंत्र लेकर और उसे लगातार बजाते हुए परिक्रमा करना तो और भी कठिन हो जाता है पर चूंकि समाज में स्वयंसेवक का एक विशिष्ट स्थान होना चाहिए, जो विपरीत परिस्थितियों में भी डट कर खड़ा रहे, इसी निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने कार्यकर्ताओं में भिन्न भिन्न कठिन परिस्थितियों से लड़ने हेतु साहस भरने के उपक्रम में ऐसे कार्यक्रम करता रहता है ।(38).jpg)
संघ के मथुरा महानगर के कार्यवाह विजय बंटा ने बताया कि जिस प्रकार सेना एवं पुलिस में बैंड होता है ऐसे ही संघ में बैंड को घोष कहते हैं ऐसे पूरे ब्रज प्रान्त के सभी घोष के भिन्न भिन्न वाद्य यंत्रों के वादक आज गोवर्धन धाम आए हुए हैं एवं गिर्राज महाराज की मान वंदना के रूप में घोष की रचनाएं बजाते हुए परिक्रमा को पूर्ण कर रहे हैं, कार्यक्रम की व्यवस्था में लगे विभाग प्रचारक पारस ने बताया कि बीते दिन से संपूर्ण प्रान्त से आए घोष के वादकों की संपूर्ण व्यवस्था मुरारी वाली कुंज विद्या मंदिर पर की हुई है, जहां घोष वादक अपने अपने वाद्य यंत्रों के साथ रचनाओं के अभ्यास में लगे हैं, सभी स्वयंसेवकों में इस कार्यक्रम को लेकर एक अलग ही उत्साह है।
घोष का संचलन दान घाटी से प्रारंभ होता हुआ गिर्राज महाराज कि परिक्रमा पूर्ण करेगा। संचलन में क्षेत्र शारीरिक प्रमुख नरेश विकल, प्रान्त प्रचारक धर्मेंद्र, सह प्रचारक विनोद, घोष प्रमुख ललित, प्रान्त शारीरिक सह प्रमुख एवं प्रचारक रामशंकर, विभाग कार्यवाह डॉ संजय, शारीरिक प्रमुख शिवकुमार, प्रचार प्रमुख कमल कौशिक समेत 350 से अधिक स्वयंसेवक उपस्थित थे।















