पशु चिकित्सा औषधि विभाग ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में लहराया परचम
पशु चिकित्सा औषधि विभाग ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में लहराया परचम
-जयपुर में सातवें वार्षिक सम्मेलन में संकाय सदस्यों को मिले प्रतिष्ठित सम्मान
मथुरा । पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (दुवासू) के पशु चिकित्सा औषधि विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और शोध क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है, जयपुर में आयोजित पशु चिकित्सा आंतरिक एवं निवारक चिकित्सा के सातवें वार्षिक सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी में विभाग के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में नौ पुरस्कार हासिल कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।(63).jpg)
राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर के अंतर्गत स्नातकोत्तर पशु चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, जॉबनेर में 26 से 28 अक्टूबर तक आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया, इस वर्ष संगोष्ठी का मुख्य विषय डिजिटल युग में पशु चिकित्सा सतत पशु स्वास्थ्य एवं एक स्वास्थ्य की अवधारणा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग रहा, इसमें दुवासू के पशु चिकित्सा औषधि विभाग के चार संकाय सदस्यों, एक पीएचडी शोधार्थी और पांच एमवीएससी विद्यार्थियों ने सहभागिता कर अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। (61).jpg)
संगोष्ठी में विभाग के संकाय सदस्यों ने भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं, विभाग के प्रोफेसर डॉ0 मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता की, वहीं सहायक आचार्य डॉ0 पद्मा निबाश पाणिग्रही को जुगाली करने वाले पशुओं की चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित थॉमस गॉर्डन हंगरफोर्ड स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया, सहायक आचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह गांधर को वर्ष 2026 का प्रशंसा पुरस्कार और पशु चिकित्सा नैदानिक परिसर के सहायक आचार्य डॉ0 कपिल कुमार गुप्ता को विशेष सम्मान पुरस्कार प्रदान किया गया ।
विद्यार्थियों ने भी शोध प्रस्तुतियों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, पीएचडी शोधार्थी डॉ0 पीयूष कुमार तथा एमवीएससी विद्यार्थियों डॉ0 अनु सिंघला, डॉ0 प्रदीप कुमार और डॉ0 मानसी सहस्रबुद्धे ने विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किए, डॉ0 दिव्या जैन को द्वितीय और डॉ0 प्रियंका पाल को तृतीय पुरस्कार मिला, छात्रों ने मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों की विभिन्न श्रेणियों में नौ पुरस्कार अर्जित किए, जयपुर से लौटने के बाद सभी पुरस्कार विजेताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभिजीत मित्रा और पशु चिकित्सा कालेज के अधिष्ठाता डॉ0 विकास पाठक से भेंट की, उन्होंने संगोष्ठी में सहभागिता और उपलब्धियां हासिल करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मिले सहयोग एवं मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया।















