UGC पर सुप्रीम कोर्ट की रोक — एक सराहनीय कदम

UGC पर सुप्रीम कोर्ट की रोक — एक सराहनीय कदम
  हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कुछ निर्णयों पर लगाई गई रोक भारतीय शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, यह निर्णय न केवल मनमाने नियमों पर नियंत्रण स्थापित करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि शिक्षा से जुड़े फैसले संविधान और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप हों ।


 UGC का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना है लेकिन कई बार इसके नियम बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के लागू कर दिए जाते हैं जिससे छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, सुप्रीम कोर्ट की यह रोक यह संदेश देती है कि कोई भी संस्थान कानून से ऊपर नहीं है और हर निर्णय न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है ।


   यह फैसला शिक्षा प्रणाली में संतुलन, जवाबदेही और संवैधानिक मर्यादाओं को मजबूत करता है, इससे छात्रों का विश्वास बढ़ेगा और नीति निर्माण में पारदर्शिता आएगी, निस्संदेह, यह कदम लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है ।
 साभार : शिखर अधिवक्ता उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ ।

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