पुस्तकालय में देखे गालिब के स्मरण, "ना सुनो गर बुरा कहे कोई"
पुस्तकालय में देखे गालिब के स्मरण, "ना सुनो गर बुरा कहे कोई"
मथुरा । एएचएम स्कूल चंदन वन में मिर्जा गालिब के इंतकाल दिवस पर हुए कार्यक्रम में याद करते हुए ब्रजवासियों ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिवक्ता तनवीर अहमद खान ने कहा कि बृजवासी मिर्जा गालिब को उसके जन्मदिन पर बार-बार याद करते हैं, महाकवि का चमत्कार ही कुछ ऐसा है जिसके काव्य को भुलाया नहीं जा सकता है ।
संचालक प्रिंसिपल जिया उल हक ने कहा कि हमें भारत के महान कवियों जैसे कालिदास, अमीर खुसरो, कबीर, ग़ालिब, टैगोर,सरोजिनी नायडू, महादेवी वर्मा और अब्दुल रहीम खान खाना को बार बार याद करते रहना चाहिए ताकि हमारे आने वाली नस्ल देश के साहित्य इसका गुणगान करते रहें। मुख्य वक्ता डॉ0 जैड हसन ने ना सुनो गर बुरा कहे कोई ,ना कहो गर बुरा कहे कोई, रोक लो गर गलत चले कोई, बख्श दो गर खता करे कोई काव्य पाठ प्रस्तुत किया जिस पर उन्होंने श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी।
डॉक्टर अबरार ने गालिब की गरीबी का जिक्र किया, गफ्फार अब्बास एडवोकेट व निसार खान ने मिर्जा गालिब के पुस्तकालय की दीवार पर लगे चित्र देखें और उसकी पोशाक को देखकर आश्चर्य चकित रह गए, सुलेमान व मुजफ्फर साहब ने गालिब की घरेलू जिंदगी को अंदर से झांक कर देखा, इस मौके पर अब्दुल रहमान, हमीद खान, लाला पहलवान, हबीब अंसारी, राशिद खान, शाहिद खान एवं बुरहान मौजूद रही ।







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