ब्रज में करोडों लोगों को खींच रही आस्था, नही हो सकीं सटीक व्यवस्था
ब्रज में करोडों लोगों को खींच रही आस्था, नही हो सकीं सटीक व्यवस्था
-मथुरा, वृन्दावन में चहुंओर है कहीं जाम की टेंशन, कहीं शुद्धता तो कहीं सफाई का रोना
मथुरा । वर्ष 2023 में मथुरा में 7.79 करोड़ पर्यटक आए, वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 9 करोड़ के पार पहुंची, वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 10.2 करोड़ श्रद्धालुओं ने ब्रज में हाजिरी लगाई, दावा यह किया जा रहा है कि यह बेहतर व्यवस्था व पर्यटकों को दी जा रहीं सुविधाओं के चलते संभव हुआ है, वहीं जानकारों का यह कहना है कि इसका दूसरा पहलू भी है, अयोध्या के बाद मथुरा को लेकर अब सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वीवीआईपी मूवमेंट लगातार बढ रहा है ।
मथुरा, वृंदावन और आसपास के धार्मिक स्थल लगातार चर्चा में हैं, सोशल मीडिया का भी इसमें बड़ा हाथ है, हर बड़े हादसे के बाद यह सवाल उठाता है कि यह भीड़ आस्था के वशीभूत होकर आ रही है या व्यवस्था से आकर्षित होकर यहां पहुंच रही है, दिल्ली, आगरा और लखनऊ से यमुना एक्सप्रेस-वे और रेल मार्ग की बेहतरीन कनेक्टिविटी के कारण अब मथुरा पहुंचना बेहद आसान हो गया है ।
सरकार द्वारा आध्यात्मिक विरासत को सहेजने के साथ आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से ब्रज का गौरव वापस लौट रहा है, करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में जान फूंक दी है, होटल, होम स्टे, ट्रांसपोर्ट और रेस्टोरेंट बिजनेस में ऐतिहासिक उछाल आया है, प्रसाद उद्योग, फूल माला विक्रेता और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों की आय कई गुना बढ़ गई है, वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है, रियल एस्टेट और एमएसएमई सेक्टर में भी उछाल आया है, इसके बावजूद खाद्य पदार्थों की शुद्धता, साफ सफाई और यातयात को नियंत्रण व्यवस्था जैसी मूलभूत बातों पर अभी बहुत काम होना बाकी है ।







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