प्रशासन ने 16 दिन में ही बिसार दिया 16 मौतों का गम, सुरक्षा की फिर उठी मांग
प्रशासन ने 16 दिन में ही बिसार दिया 16 मौतों का गम, सुरक्षा की फिर उठी मांग
-रविवार को यमुना में मिला युवक का शव, सिर हाथ पर चोट के निशान, हत्या की आशंका
मथुरा । 10 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे यमुना में वृंदावन पर पेंटून पुल के पास पंजाब से आये श्रद्धालुओं की नाव पलटने से हुए दर्दनाक हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी, 26 अप्रैल को मथुरा में विश्राम घाट के पास युवक का शव मिलने से एक बार फिर यमुना में सुरक्षा की मांग उठी है, 10 अप्रैल के हादसे के बाद यमुना में चलने वाले नाव और स्टीमर के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है जिसके चलते यमुना में विश्राम घाट पर इक्का दुक्का नाव ही चल रही थी जिससे शव को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पडी ।
प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना को दुखद बताते हुए मांग की कि यमुना में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस को नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था करनी चाहिए, रिवर पुलिस की भी मांग की गई है, राजन पाठक ने कहा कि यमुना के घाट रमणीय हैं लेकिन यह कई बार अराजकतत्वों की गतिविधियों के केन्द्र भी बन जाते हैं, पुलिस को इसे भी गंभीरता से लेना चाहिए और यमुना में यमुना के घाटों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने चाहिए ।
शहर कोतवाली क्षेत्र में रविवार सुबह विश्राम घाट के समीप दाऊजी घाट के सामने यमुना नदी में एक अज्ञात युवक का शव बहता हुआ मिला, शव के सिर और हाथ पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, इससे मामला संदिग्ध लग रहा है, शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष प्रतीत हो रही है, युवक ने पैंट-टीशर्ट पहन रखी थी। प्रथमदृष्टया शव करीब 24 घंटे के भीतर का बताया जा रहा है, पुलिस ने शव की तलाशी ली लेकिन उसकी पहचान से जुड़ा कोई भी दस्तावेज बरामद नहीं हुआ, शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ।







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