महिला को जलाकर मारने वाले आरोपी को सुनाई सजा ए मौत
महिला को जलाकर मारने वाले आरोपी को सुनाई सजा ए मौत
-महिला से किया था रेप का प्रयास, ज्वलनशील पदार्थ डालकर लगा दी थी आग
मथुरा । रिश्ते की बहन से दुष्कर्म के प्रयास में नाकाम रहने पर जिंदा जलाकर हत्या करने वाले भाई को अदालत ने सजा ए मौत सुनाई है, जिला जज की अदालत ने मंगलवार को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है, साथ ही 1.30 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, 13 महीने की अदालती कार्यवाही में सजा मुकर्रर की गई है, इस मामले में एक मई को जिला जज विकास कुमार की कोर्ट ने दोषी करार दिया था, सजा के बिन्दु पर अदालत में 5 मई को सुनवाई हुई और फांसी की सजा सुनाई गयी।
फरह थाना क्षेत्र के एक गांव में उमेश निवासी हसनपुर थाना हसनपुर पलवल हरियाणा 11 मार्च 2025 की दोपहर महिला का वेश धारण कर घर में घुस गया था, रिश्तो की बहन के साथ उमेश ने दुष्कर्म का प्रयास किया, विरोध करने पर महिला पर पेट्रोलियम पदार्थ डाल कर उसे जला दिया, महिला की चीख पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो उमेश छत से कूद गया था, इससे उसके सिर व पैर में चोट आई थी, महिला को गंभीर हालत में परिजन ने अस्पताल में भर्ती कराया था, घायल उमेश को फरह पुलिस ने हिरासत में लेकर आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया था ।
महिला के पति ने उमेश के खिलाफ फरह थाने में पत्नी को जिंदा जलाकर उसकी हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, पुलिस ने उमेश को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया, मुकदमे की सुनवाई जिला जज विकास कुमार की अदालत में हुई, उमेश के अधिवक्ता ने जमानत के लिए काफी प्रयास किए, कोर्ट से उसे जमानत नहीं मिली थी, जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि अदालत ने उमेश को महिला को जिंदा जला कर उसकी हत्या करने का दोषी करार दिया है, अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है, साथ ही 1.30 लाख रूपये का अर्थदंड भी लगाया है, दोषी मृतका की जेठानी का भाई है ।
इन धाराओं में सुनाई गयी अलग अलग सजा
-बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई है, और उसे तब तक फांसी पर लटकाया जाएगा जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। दोषी अभियुक्त पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, और जुर्माना अदा न करने की स्थिति में, उसे एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा।
-बीएनएसधारा 333 के तहत दंडनीय अपराध के लिए 7 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में, उसे छह महीने का साधारण कारावास और भुगतना होगा।
-बीएनएस की धारा 74 के तहत दंडनीय अपराध के लिए 5 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में, उसे तीन महीने का साधारण कारावास और भुगतना होगा।







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