मथुरा व वृन्दावन के होटलों, गेस्ट हाउसों में मचा हड़कम्प
मथुरा व वृन्दावन के होटलों, गेस्ट हाउसों में मचा हड़कम्प
-नगर मजिस्ट्रेट ने किया होटल, गेस्ट हाउस का औचक निरीक्षण, दी चेतावनी
मथुरा । बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में मथुरा शहर के साथ ही वृन्दावन में छटीकरा मार्ग से प्रेम मंदिर मार्ग, चैतन्य विहार एवं रूकमणी विहार स्थित 22 होटल, गेस्ट हाउस, सराय यथा होटल मिडास, सुख प्यारी धाम, श्री वसुधा धाम, श्री राधा रमन कृष्णा कुंज, श्री धामोदर धाम, अनुकम्पा धाम आदि का औचक निरीक्षण किया गया जिससे धार्मिक नगरी में स्थित होटल गेस्ट हाउस संचालकों में हड़कम्प मच गया ।

नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्र द्वारा किये जा रहे निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इनमें से कई होटल, गेस्ट हाउस, सराय संचालकों द्वारा "सराय अधिनियम नीति" के तहत पंजीकरण के दरमियान तय की गईं शर्तों व दिशानिर्देशों की अनुपालना नहीं की गयी है जबकि "होटल एवं अन्य पूरक आवास (नियंत्रण) विनियमावली 2023" के अन्तर्गत होटल, रिसोर्ट, अतिथि गृह, फार्म स्टे आदि को सराय अधिनियम के तहत पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होने के साथ ही यात्रियों के ठहरने के लिए प्रयुक्त होने वाली सभी इकाईयों का पंजीकरण आवश्यक है लेकिन कई होटलो, गेस्ट हाउस आदि में बिना पंजीकरण के कार्यवाही की जा रही है, वहीं कई होटलों आदि में सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और ना ही अग्निशमन विभाग की अनापत्ति ही ली गयी है, आगन्तुक पंजिका में भी खामियां मिलीं जिससे पर्यटन मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है ।

नगर मजिस्ट्रेट ने सम्बन्धित होटल, गेस्ट हाउस संचालकों को नोटिस जारी किए और निर्देशित किया है कि सराय अधिनियम के तहत पर्यटन विभाग से पंजीकरण की कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें अन्यथा वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, नगर मजिस्ट्रेट श्री मिश्र ने यह भी बताया कि "सराय अधिनियम नीति" के अंतर्गत पर्यटन विभाग से पंजीकरण करवाना अनिवार्य होता है और पुलिस विभाग के साथ ही खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन, पर्यटन, विद्युत, राजस्व, पर्यावरण विभाग व नगर निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है एवं उक्त विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरान्त ही सराय एक्ट में नियमानुसार पंजीकरण की कार्यवाही की जाती है।







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