39 करोड़ की परफॉमेंस ग्रांट मामले ने बटोरी सुर्खियां, जांच शुरू
39 करोड़ की परफॉमेंस ग्रांट मामले ने बटोरी सुर्खियां, जांच शुरू
-अड़ींग पंचायत का है मामला, एसडीएम के नेतृत्व में गठित समिति ने शुरू की जांच
-जांच समिति को नहीं दी गई 3.5 करोड़ के बारातघर की फाइल, धन निकासी की तैयारी
मथुरा । जनपद की ग्राम पंचायत अड़ींग में 39 करोड़ की परफॉर्मेंस ग्रांट की विस्तृत जांच शुरू हो गई है, डीएम चंद्रप्रकाश सिंह के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय समिति ने शनिवार को पंचायत कार्यालय पहुंचकर विकास कार्यों की पत्रावली संकलित कीं, इनमें 3.5 करोड़ की बारातघर निर्माण की पत्रावली समिति को नहीं दी गई है, इसके पीछे जांच के दौरान 50-60 लाख की धनराशि निकालने का प्रयोजन बताया जा रहा है जिसकी शिकायत सदस्यों ने उच्चाधिकारियों से की है ।
वहीं दूसरी ओर कमिश्नर द्वारा गठित समिति के समक्ष शुक्रवार को लोकायुक्त को शिकायत कर्ता ने भी घपलों का विवरण प्रस्तुत किया, ग्राम पंचायत में 39 करोड़ की परफॉर्मेंस ग्रांट की मण्डलायुक्त आगरा एवं जिलाधिकारी मथुरा के स्तर से तीन-तीन सदस्यों की अलग-अलग जांच समिति गठित की हुई हैं, दोनों ही समिति अपने स्तर से जांच कर रही हैं, 30 अप्रैल को डीएम द्वारा गठित जांच समिति को 15 मई तक जांच पूरी करनी थी लेकिन समिति शनिवार को गांव पहुंची ।
पंचायत कार्यालय में पहुंचकर एसडीएम न्यायिक छाता अखिलेश कुमार ने सभी कार्यों की पत्रावलियों का परीक्षण किया, जांच दल के सदस्य बीडीओ छाता एवं लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आपत्तिजनक पत्रावलियों को पंचायत सचिव से प्राप्त कर अपने साथ ले गये, जांच के दौरान ग्राम पंचायत के पूर्व सचिव रामवीर, थान सिंह, स्थानांतरित यतिन शर्मा और नवनियुक्त सचिव मनोज भंडारी मौजूद रहे, जांच टीम पत्रावलियों का परीक्षण कर आगामी दिवसों में हर कार्य का स्थलीय निरीक्षण करेगी, एसडीएम न्यायिक छाता ने कहा कि विस्तृत जांच में कई विशेषज्ञ कर्मचारियों को लगाया गया है ।
उधर लोकायुक्त के निर्देश पर मंडलायुक्त आगरा द्वारा गठित समिति के समक्ष परिवादी अजीत सैनी ने भी घपलों की विस्तृत रिपोर्ट शुक्रवार को प्रस्तुत की है, डीएम एवं कमिश्नरी स्तर की जांच के बावजूद भी पंचायत में धन निकासी के प्रयास किए जा रहे हैं, निर्माणाधीन 3.5 करोड़ के बारातघर की एमबी कर 60 लाख रुपए निकालने की तैयारी है, जांच समिति को भी बारातघर की पत्रावली नहीं दी गई है, सदस्यों ने धन की निकासी पर रोक की शिकायत भी कमिश्नर से की है, उनका कहना है कि पंचायत का बोर्ड 17 फरवरी से भंग है, 15 में से 12 सदस्य पद से त्यागपत्र दे चुके हैं, पंचायत में ना प्रशासक है औऱ ना ही संचालन समिति फिर धन की निकासी क्यों कराई जा रही है, उन्होंने डीपीआरओ पर शिकायतों पर पंचायत के रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया है, विदित हो कि 15 में से 14 सदस्यों के मोबाइल नंबर की जगह पूरी पंचवर्षीय में सरकारी एप मेरी पंचायत पर रोजगार सेवक का नंबर लगा रहा, इसकी शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है ।







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