श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे की कराई जाये सीबीआई जांच
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे की कराई जाये सीबीआई जांच
-फलाहारी बाबा ने लगाया मंदिरों में चढ़ावे पर बड़ा आरोप, मुख्यमंत्री को लिखा खून से पत्र
मथुरा । श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर संत फलाहारी महाराज ने गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है, उनके इस कदम से मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों में हलचल मच गई है, फलाहारी महाराज का आरोप है कि मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे का सही तरीके से हिसाब नहीं रखा जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि मंदिर की गुल्लके खोले जाने के समय सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भक्तों द्वारा दिए गए दान का दुरुपयोग किया जा रहा है, महाराज ने दावा किया कि मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारी, जो पहले साधारण जीवन जीते थे, आज महंगी गाड़ियों और आलीशान मकानों के मालिक बन गए हैं, उन्होंने मांग की कि मंदिर प्रबंधन और कर्मचारियों की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए ।
उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई संपत्तियां खरीदे जाने की भी जांच होनी चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए, आरोप लगाया कि छप्पन भोग और फूल बंगला जैसी व्यवस्थाओं में भी भारी कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर के चढ़ावे की राशि का उपयोग अस्पताल, कॉलेज और जनहित के अन्य कार्यों में किया जाए, साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था को सीधे अपने स्तर पर देखने का आग्रह किया है, फलाहारी महाराज ने चेतावनी दी कि यदि मामले की सीबीआई जांच नहीं कराई गई तो वे इस संबंध में हाईकोर्ट में नई याचिका दायर करेंगे, गौरतलब है कि फलाहारी महाराज वही संत हैं जिन्होंने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे ।
वहीं दूसरी ओर आरोपों को खारिज करते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि मंदिर में दान के प्रबंधन के लिए पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था अपनाई जाती है और संस्थान किसी भी जांच के लिए तैयार है, श्री शर्मा ने कहा, ये आरोप निराधार हैं, हम किसी भी जांच के लिए तैयार हैं, उन्होंने बताया कि दान की गिनती की प्रक्रिया तीन कर्मचारियों की मौजूदगी में सीसीटीवी निगरानी के तहत की जाती है और इस कार्य में लगे कर्मचारियों की समय-समय पर अदला-बदली भी की जाती है, उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी जाती है ।







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