अतार्किक आंकड़ा : पुरूषोत्तम मास में 6.5 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन
अतार्किक आंकड़ा : पुरूषोत्तम मास में 6.5 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन
-जिला प्रशासन द्वारा जारी नहीं किया गया है अभी तक कोई भी अधिकारिक आंकड़ा
मथुरा । जनपद की सीमा में पुरुषोत्तम मास के दौरान 6.5 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन सिर्फ एक कोरा आंकडा है, इसके पीछे ना कोई वैज्ञानिक सोच है और ना हीं कोई भीड की गणना करने का वैज्ञानिक तरीका, यह अनुमान किस तकनीक पर आधारित है यह भी किसी को नहीं पता है, वहीं जिन परिक्रमार्थियों ने 84 कोसी परिक्रमा की उन्हीं में से अधिकांश ने परिक्रमा पूरी होने के बाद, गोवर्धन की ओर रुख किया और गोवर्धन की सात कोसी परिक्रमा की, गत वर्षों की तुलना में यह चलन इस बार ज्यादा देखने को मिला है, इस तरह की अवधारणा को इस बार बल मिला है कि 84 कोसी की परिक्रमा का पूर्ण फल तभी मिलता है, जब गोवर्धन की सात कोसी परिक्रमा भी पूरी की जाती है ।
हालांकि राजस्थान, हरियाणा और एनसीआर से आने वाले 84 कोस वाले परिक्रमार्थी पहले भी गोवर्धन की परिक्रमा करके ही वापस लौटते थे, खासकर राजस्थान से आने वाले श्रद्धालु, इस बार 84 कोसी परिक्रमा पूरी करने के बाद गोवर्धन की ओर रुख करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या विगत अधिक मास के अवसरों की तुलना में ज्यादा रही है, जिस अनुमान के तहत ब्रज में 6.5 करोड श्रद्धालुओं के आगमन की गणना की जा रही है, उसमें गोवर्धन, बरसाना आने वाले और चौरासी कोस की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को अलग-अलग मान कर देख जा रहा है, इस अनुमान में वास्तव में एक ही श्रद्धालु को दो या तीन बार गिना गया है जिससे यह आंकडा विशाल से विशालतम हो रहा है।
इस अनुमान के तहत 17 मई से 15 जून तक चले पुरुषोत्तम मास में गोवर्धन क्षेत्र में करीब 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया, बरसाना में भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा, यहां करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर लाडलीजी मंदिर में दर्शन किए, वहीं 84 कोसी परिक्रमा में लगभग 3 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए और उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी यात्रा पूरी की, इस अनुमान के तहत 84 कोसी परिक्रमा करने वाले 83.33 प्रतिशत लोगों ने गोवर्धन की परिक्रमा की ।
इस बार बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने वाहनों से भी परिक्रमा की यानी दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों से लोगों ने परिक्रमा को पूरा किया, वाहन से 84 कोस की परिक्रमा करने वाले अधिकांश श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा करने भी पहुंचे, वाहनों से कितने लोगों ने परिक्रमा की और पैदल परिक्रमार्थी कितने थे इस तरह का कोई आंकड़ा नहीं लगाया गया है और नहीं जिला प्रशासन ने कोई अनुमानित आंकड़ा दिया है जिससे 6.5 करोड़ की संख्या का आकलन तार्किक नहीं है, जिला प्रशासन या शासन को भी आंकड़े के भारी भरकम होने से कोई ऐतराज नहीं है इसलिए इस पर कोई सवाल जवाब भी नहीं किया जा रहा है, एक तरह से यह जिला प्रशासन के लिए मुफीद ही साबित होता है, ब्रज चौरासी कोस ही नहीं मुडिया मेला की भीड़ का आंकड़ा भी अतार्किक अनुमानों पर आधारित रहता है, विशालतम बन जाता है ।







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