जिला प्रशासन ने बाढ़ की संभावना को लेकर दिखाई सतर्कता
जिला प्रशासन ने बाढ़ की संभावना को लेकर दिखाई सतर्कता
-कलेक्ट्रेट परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन, सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
मथुरा । बाढ़ की संभावित स्थिति एवं उससे उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जनपद में बाढ़ से बचाव एवं जनसुरक्षा के संबंध में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, इसी क्रम में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित जनसामान्य को बाढ़ से बचाव, राहत एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जन जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बाढ़ से पूर्व की तैयारियों, बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों तथा बाढ़ के पश्चात आवश्यक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई ।
लोगों को बताया गया कि किसी भी आपदा के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए समय रहते आवश्यक तैयारियां एवं सावधानियां बरतना अत्यंत आवश्यक है, जनसामान्य को सलाह दी गई कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी बाढ़ संबंधी चेतावनियों एवं सूचनाओं पर निरंतर ध्यान रखें, आवश्यक दस्तावेज, नियमित उपयोग की दवाइयां, पेयजल, सूखा खाद्य पदार्थ, टॉर्च, मोबाइल फोन, चार्जर एवं अन्य आवश्यक सामग्री को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखें, परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुरक्षा के लिए पूर्व से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों की जानकारी रखें ।
प्रशासन द्वारा बाढ़ के दौरान नागरिकों से नदी, नालों, तालाबों, घाटों तथा अन्य जलस्रोतों के समीप अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है, तेज बहाव वाले बाढ़ के पानी को पैदल, दोपहिया वाहन अथवा किसी अन्य वाहन से पार करने का प्रयास न करें, बच्चों को विशेष रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों एवं नदी नालों से दूर रखें, बिजली के गिरे हुए तारों, विद्युत पोल एवं विद्युत उपकरणों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन एवं राहत-बचाव दल द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक आवागमन से बचें। नागरिकों से अपील की गई है कि अफवाहों पर विश्वास नही करें और केवल जिला प्रशासन एवं अधिकृत विभागों द्वारा जारी सूचनाओं को ही सही एवं प्रमाणिक मानें ।
बाढ़ का पानी उतरने के पश्चात भी नागरिकों से पूर्ण सावधानी बरतने की अपील की गई, वहीं जिला प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि दूषित पानी एवं खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक प्रवेश नही करें तथा क्षतिग्रस्त भवनों, सड़कों, पुलों एवं विद्युत लाइनों के आसपास जाने से बचें, किसी भी प्रकार की क्षति अथवा खतरे की स्थिति में स्वयं जोखिम न लेते हुए तत्काल संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचना दें, ताकि आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई समय से सुनिश्चित की जा सके ।
कार्यक्रम के दौरान जनसामान्य को संदेश दिया गया कि “आपदा के समय घबराएं नहीं, सजग रहें और प्रशासन का सहयोग करें”, नागरिकों से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, पड़ोस एवं आसपास के लोगों को भी बाढ़ से बचाव एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया, जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित किया जा रहा है, संबंधित विभागों को अपने संसाधनों, मानवबल एवं राहत-बचाव व्यवस्थाओं को अद्यतन रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ संबंधी किसी भी चेतावनी को गंभीरता से लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, किसी भी आपात स्थिति, बाढ़ अथवा जलभराव से संबंधित सूचना एवं सहायता के लिए जनपद के बाढ़ कंट्रोल रूम के निम्न दूरभाष नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है, किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं, तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाएं, प्रशासन एवं राहत-बचाव दल का सहयोग करें तथा आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें ।







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