त्याग, तपस्या और सेवा की साकार प्रतिमूर्ति थे सुदामा दास-रामरज दास
त्याग, तपस्या और सेवा की साकार प्रतिमूर्ति थे सुदामा दास-रामरज दास
बरसाना । कस्बे के प्रेम सरोवर सुदामा कुटी के महंत रामरज दास महाराज ने कहा कि संत शिरोमणि सुदामा दास महाराज संत समाज के लिए त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने ईश्वर की भक्ति के साथ गौ व संत सेवा का एक नया अध्याय लिखा था, उन्होंने रविवार को प्रेम सरोवर स्थित सुदामा कुटी में आयोजित गो सेवी संत सुदामा दास महाराज के 21 वें पुण्य समृति समारोह में विचार व्यक्त किए ।
उन्होंने कहा संत सुदामा दास जी महाराज ने जीवन पर्यन्त गो माता एवं संत समाज के लिए संघर्ष किया है,संत समाज उनके संघर्ष और सेवा को भुलाए नहीं भूल सकता है, भक्तमाली संत गौतम बाबा ने कहा कि अनंत विभूषित संत शिरोमणि सुदामा दास महाराज ने अयोध्या धाम में सरयू तट,काशी में गंगा तट, वृंदावन में यमुना तट एवं श्रीधाम बरसाना में प्रेम सरोवर के तट सहित यमुनोत्री, गंगोत्री, ऋषिकेश, हरिद्वार के साथ देश में करीब पचास से अधिक आश्रमों पर गो सेवा एवं संत सेवा के लिए सुदामा कुटी की स्थापना की, उनका ध्येय था आश्रम से कोई भी संत अथवा कोई भी श्रद्धालु भूखा न जाए, भक्तमाल संत गौतम बाबा, महंत सर्वेश्वर दास, शंभुदास दास बाबा, दिलीप बाबा आदि मौजूद रहे ।







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