राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस पर जिला पुस्तकालय में संगोष्ठी सम्पन्न
राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस पर जिला पुस्तकालय में संगोष्ठी सम्पन्न
मथुरा । वृंदावन शोध संस्थान एवं राजकीय जिला पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के अवसर पर ज्ञानोदयः समाज को सशक्त बनाने में ग्रंथालयों की भूमिका विषयक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन राजकीय जिला पुस्तकालय, डैंपियर नगर में किया गया, व्याख्यान कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ0 रामकुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एसआर रंगनाथन के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता है, उन्होने पुस्तकालय विज्ञान के पाँच सूत्र बताये थे, हमारे ग्रंथालय मनुष्य जीवन में अंधकार दूर करके प्रकाश फैलाते है ।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ0 ब्रज भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि पुस्तकें और पुस्तकालय समाज में रचनात्मकता, जिज्ञासा और वैचारिक स्वतंत्रता को जीवित रखते हैं, पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज के बौद्धिक विकास, संस्कृति और सतत सीखने के जीवंत केंद्र हैं, श्रीमती किरन चौधरी ने कहा कि संपन्न पुस्तकालय समृद्ध समाज व्यवस्था और विकसित राष्ट्र की पहचान होते है, श्रीमती शारदा मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ब्लॉक स्तर पर नये पुस्तकालयों की स्थापना की जा रही है, डॉ0 करूणेश उपाध्याय ने बताया कि भारतीय, पुस्तकालय भारतीय ज्ञान परंपरा के संवाहक है। भारत में प्राचीन काल से पुस्तकालयों की परंपरा रही है, जिसमें तक्षशिला, नालंदा एवं विक्रमशिला आदि विश्वविद्यालयों के पुस्तकालय उल्लेखनीय है। श्रीमती ममता कुमारी ने बताया कि संग्रहालय और पुस्तकालय एक दूसरे के पूरक है। भारत सरकार ज्ञान भारतम् के माध्यम से पूरे भारत से पांडुलिपियों का एकत्र कर रही है ।
श्रीमती रेखारानी ने पुस्तकालय दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में नई पीड़ी का पुस्तकालयों से मोह भंग हो रहा है, उन्हें पुनः पुस्तकालयों की ओर मोड़ना होगा, इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं डॉ0 एस0आर संगनाथन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण एवं पटुका उढ़ाकर किया गया तथा स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए, कार्यक्रम का संयोजन श्रीमती रेखा रानी द्वारा एवं संचालन श्रीमती शारदा मिश्रा द्वारा किया गया, इस दौरान संस्थान कर्मी उमाशंकर पुरोहित, शिवम शुक्ला, हेमंत कुमार, राहुल कुमार, पवन कुमार अवस्थी के अतिरिकत 43 छात्र-छात्रायें उपस्थिति रहे ।







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