विप्रा ने एक साल में ध्वस्त कीं 75 हेक्टेयर में फैली 63 अवैध कॉलोनियां

विप्रा ने एक साल में ध्वस्त कीं 75 हेक्टेयर में फैली 63 अवैध कॉलोनियां
-विप्रा उपाध्यक्ष का अवैध कॉलोनाइजरों पर "बुलडोजर एक्शन", ध्वस्तीकरण के निर्देश
-मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, गोवर्धन सहित राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो अवैध निर्माणों से विप्रा की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
  मथुरा । जनपद में अवैध कॉलोनियां काटकर लोगों को प्लॉट बेचने वालों पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने शिकंजा और कस दिया है, अब नोटिस जारी होने के बाद मामलों को लंबित रखने के बजाय विधिक सुनवाई की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा हैं, उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने प्राधिकरण के अभियंताओं को साफ निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, विप्रा उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा भी की ।


  सचिव आशीष कुमार सिंह ने करीब 12-14 माह की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्राधिकरण द्वारा इस अवधि में 63 अनधिकृत कॉलोनियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है, बताया कि अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच 24 अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया, ये कॉलोनियां 33.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही थीं जिनकी अनुमानित भूमि लागत करीब 164.20 करोड़ रुपये थी, इसके बाद वर्ष 2026 के सात माह में 39 अनाधिकृत कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई है, ये कॉलोनियां 41.99 हेक्टेयर में विकसित की जा रही थीं और इनकी अनुमानित भूमि लागत 209.95 करोड़ रुपये आंकी गई थी, इस तरह 2025 की तुलना में 2026 में अब तक 62.50 प्रतिशत अधिक ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई है ।


   समीक्षा दौरान विप्रा उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने कहा कि प्राधिकरण की अनुमति के बिना कॉलोनी विकसित करने और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई में और तेजी लाई जाए, उन्होंने विप्रा के अभियंताओं को निर्देश दिए कि क्षेत्र में होने वाले नए निर्माण और कॉलोनियों पर लगातार नजर रखें तथा अनाधिकृत निर्माण की जानकारी मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें, कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ध्वस्तीकरण की विधिक प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, उन्होंने कहा कि लोग को जागरूक करें कि बिना प्राधिकरण से नक्शा और लेआउट स्वीकृत कराए विकसित की जा रही कॉलोनियों में जमीन खरीदने से बचें, अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य अनियोजित विकास पर रोक लगाने के साथ आम लोगों को अपनी जीवन भर की कमाई जोखिम में डालने से बचाना भी है ।


  मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के आला अधिकारियों के मुताबिक करीब एक वर्ष में 75 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है, इन जमीनों की अनुमानित लागत करीब 373.15 करोड़ रुपये बताई गई है, कार्रवाई की रफ्तार पिछले छह माह में और बढ़ी है, नोटिस के बाद अब लंबा इंतजार नहीं किया जा रहा है, पिछले छह माह में कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज किया गया है, नोटिस जारी होने के बाद विधिक सुनवाई तत्काल कराई जा रही है, सुनवाई पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए जा रहे हैं और आदेशों पर तत्काल अमल करते हुए मौके पर संबंधित अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त किया जा रहा है ।


  वहीं दूसरी ओर गौरतलब हो कि मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण परिक्षेत्र अंतर्गत मथुरा शहर के अलावा वृन्दावन, गोवर्धन, छाता, छटीकरा, नन्दगांव, बरसाना, राधाकुंड, टाउनशिप, औरंगाबाद सहित राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कोसी कोटवन से लेकर आगरा सीमा तक हजारों की संख्या में अवैध कॉलोनियों व बिना मानचित्र स्वीकृति के विकसित हो रहे व्यवसायिक (होटल, मैरिज होम, रिसोर्ट, शॉपिंग मॉल) व अन्य प्रयोजनार्थ निर्माणाधीन व अवैध रूप से विकसित हो चुके अवैध निर्माणों के सम्बंध में विप्रा उपाध्यक्ष और सचिव को तमाम शिकायतें दिये जाने के बावजूद मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के जिम्मेदारानों द्वारा कोई भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है जिनमें मुख्य तौर पर मथुरा शहर की सबसे पुराने धार्मिक ट्रस्ट नारायण दास धर्मशाला ट्रस्ट जिसके पदेन अध्यक्ष स्वयं जिलाधिकारी मथुरा हैं, के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बिना मानचित्र स्वीकृति के संचालित भास्कर हॉस्पिटल के अलावा बिरला मन्दिर के निकट बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माणाधीन होटल एवं आवासीय क्षेत्र डैम्पियर नगर में चार मंजिला व्यवसायिक निर्माण और कृष्णा नगर के डी ब्लॉक में तीन मंजिला व्यवसायिक निर्माणों के सम्बंध में शिकायतों के बावजूद कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे विकास प्राधिकरण के आलाधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं ।

 

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