मांट विधानसभा में बसपा का चल सकता है जाट कार्ड, सहमे धुरंधर
मांट विधानसभा में बसपा का चल सकता है जाट कार्ड, सहमे धुरंधर
बाजना (मथुरा) । उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावी समर को लेकर मथुरा की सबसे प्रतिष्ठित और हॉट सीट मानी जाने वाली मांट विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं, सियासी गलियारों में तैर रही चर्चाओं के मुताबिक बहुजन समाज पार्टी इस बार मांट के रणक्षेत्र में एक अभूतपूर्व और बड़ा उलटफेर करने की बिसात बिछा रही है, पार्टी अपने पारंपरिक सांगठनिक ढांचे से आगे बढ़कर इस बार यहाँ के किसी कद्दावर जाट चेहरे को हाथी की सवारी कराने के लिए गंभीर मंथन में जुटी है, यदि बसपा की यह रणनीतिक चाल धरातल पर उतरती है तो क्षेत्र के सियासी सूरमाओं और सत्ताधारी गठबंधन के परंपरागत समीकरणों का ध्वस्त होना तय माना जा रहा है ।.png)
मांट विधानसभा का चुनावी इतिहास इस बात का जीवंत गवाह रहा है कि यहाँ की सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा, इसका फैसला जाट मतदाता ही करते हैं, करीब 1.20 लाख जाट वोटरों की निर्णायक तादाद के साथ यह समाज यहाँ की चुनावी वैतरणी पार कराने वाला सबसे बड़ा वोट बैंकमाना जाता है, पिछले 2022 के विधानसभा चुनाव में जहाँ भाजपा के राजेश चौधरी ने कमल खिलाया था, वहीं बसपा के दिग्गज श्याम सुंदर शर्मा उपविजेता रहे थे, अब जबकि राष्ट्रीय लोकदल और भाजपा का गठबंधन जमीन पर मजबूत दिख रहा है लेकिन टिकट के लिए दोनों ओर से दावेदारी की जा रही है, इसका फायदा भी अन्य जाट प्रत्याशी को होगा ।
बसपा दलित और ओबीसी मतों के अभेद्य दुर्ग में जाट प्रत्याशी का तड़का लगाकर विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदने की फिराक में है, बसपा के इस संभावित कदम ने मांट सीट के चुनावी परिदृश्य को बेहद त्रिकोणीय, दिलचस्प व अप्रत्याशित बना दिया है, जाट समुदाय के किसी कद्दावर प्रत्याशी के चुनावी समर में उतरने से ना केवल इस वर्ग के वोटों में भारी बिखराव की स्थिति पैदा होगी, बल्कि प्रतिद्वंद्वी दलों के लिए अपने कैडर वोटों को सहेज कर रखना भी टेढ़ी खीर साबित होगा, स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा का यह मास्टर स्ट्रोक मांट विधानसभा की राजनीतिक फिजा को पूरी तरह बदल देगा जिससे आगामी चुनावी जंग अंतिम क्षणों तक बेहद रोमांचक और सस्पेंस से भरपूर रहेगी ।













