यमुना शुद्धीकरण की मांग को लेकर जल शक्ति मंत्री से की भेंट, बताई व्यथा
यमुना शुद्धीकरण की मांग को लेकर जल शक्ति मंत्री से की भेंट, बताई व्यथा
मथुरा । यमुना मुक्तिकरण अभियान के तहत एक प्रतिनिधि मंडल ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से भेंटकर अवगत कराया कि यमुना महारानी की स्थिति आज भी अत्यंत दयनीय बनी हुई है, समग्र ब्रज मंडल सहित देश-विदेश के लाखों यमुना भक्तों द्वारा वर्ष 2011, 2013 एवं 2015 में बड़े आंदोलन किए गए, परंतु ठोस परिणाम के स्थान पर केवल आश्वासन ही प्राप्त हुए, इससे ब्रजवासियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के साथ यमुना मुक्तिकरण अभियान के राधाकांत शास्त्री, सुनील सिंह, नीलमणि, रवि मोंगा, भाकियू भानु के राष्ट्रीय प्रवक्ता हरेश ठेनुआ, तीर्थ पुरोहित महासंघ ब्रज प्रांत के महामंत्री यज्ञदत्त चतुर्वेदी तथा ब्रज क्षेत्र संयोजक पंकज चतुर्वेदी शामिल रहे ।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से कहा कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी यमुना नदी के संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि वर्तमान सरकार द्वारा धरातल पर शीघ्र कार्य नहीं किया गया, तो वर्ष 2027 के चुनाव से पूर्व ब्रजवासी एक बार पुनः व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, ब्रज क्षेत्र संयोजक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि यमुना की दुर्दशा का एक प्रमुख कारण जल की कमी है, उन्होंने चार राज्यों के बीच हुए जल समझौते के अनुसार पर्याप्त जल छोड़े जाने की मांग की ।
यज्ञदत्त चतुर्वेदी ने यमुना में बढ़ते प्रदूषण को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए एसटीपी प्लांट की नियमित मॉनिटरिंग कराने को कहा, उन्होंने यह भी मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए जिससे प्रदूषण के वास्तविक कारणों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई हो सके, केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को गंभीरता से सुना और माना कि मसानी नाला को मथुरा के प्रदूषण अधिक हैं, अधिकारियों के साथ अब तक की प्रगति की जानकारी साझा करते हुए सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण का आश्वासन दिया, प्रतिनिधि मंडल ने आशा व्यक्त की कि सरकार शीघ्र ही यमुना शुद्धिकरण के लिए ठोस कदम उठाएगी जिससे यमुना महारानी को पुनः स्वच्छ एवं अविरल स्वरूप प्राप्त हो सके ।







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