शोध संस्थान के मंच पर नौ देवी स्वरूपों ने किया अद्भुत अभिनय

शोध संस्थान के मंच पर नौ देवी स्वरूपों ने किया अद्भुत अभिनय
    वृन्दावन । शोध संस्थान में शनिवार को मिशन शक्ति के अंतर्गत शारदीय नवरात्रि के अवसर पर नौ देवी स्वरूप-सज्जा, देवी-गीत गायन, नृत्य, लघु नाट्य, काव्य पाठ एवं आत्म-रक्षा कौशल प्रस्तुतिकरण आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए, इस अवसर पर समाजसेवी राधाकृष्ण पाठक ने कहा कि शक्ति कोई बाहरी या अलौकिक तत्व नहीं है, बल्कि व्यक्ति की अपनी अंतर्निहित आंतरिक चेतना है, जब मनुष्य जीवन के संघर्ष से निराश हो जाता है तो उसे विजय पाने के लिए अपने भीतर की सोई हुई ऊर्जा और संकल्प शक्ति को जाग्रत करना पड़ता है। 
   वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं समाज सेविका डॉ0 लक्ष्मी गौतम ने बताया कि आधुनिक समय में स्त्री शक्ति के महत्व को पहचानने की आवश्यकता है, किसी भी समाज या राष्ट्र का कल्याण नारी शक्ति को सम्मान और स्थान दिए बिना असंभव है, आज बालिकाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से शक्ति पुंज रूप में स्वयं को स्थापित करने की आवश्यकता है, श्रीमती प्रतिभा शर्मा एडवोकेट ने कहा कि सनातन धर्म के अनुसार बिना शक्ति के शिव भी ‘शव’ के समान निष्क्रिय है, शक्ति ही संपूर्ण ब्रह्माण्ड, ग्रह नक्षत्रों और चराचर जगत को जीवंत बनाती है, कन्या पूजन और नवरात्रि जैसे पर्व यह संदेश देते हैं कि नारी शक्ति करूणा, संरक्षण और सृजन का स्त्रोत है। 
  संस्थान के निदेशक डॉ0 राजीव द्विवेदी ने कहा कि संस्थान द्वारा इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य है युवा पीढ़ी अपने संस्कारों एवं परंपराओं के बारे में जाने और अपनी जड़ों से जुड़ी रहे, पिछले कई वर्षों से यह आयोजन संस्थान द्वारा किया जा रहा है और ब्रज संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कटिबद्ध है, इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा के चित्रपट पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, कार्यक्रम का संचालन डॉ0 ब्रजभूषण चतुर्वेदी एवं संयोजन एवं धन्यवाद ज्ञापन ब्रज संस्कृति संग्रहालय की क्यूरेटर  ममता गौतम द्वारा किया गया ।
   कार्यक्रम के दौरान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भद्रवन, सत्यादेवी गर्ग सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, बीएसए कालेज, सुखदा भक्ति इंटर कालेज, एवं युद्ध ज्ञान मार्शल आर्ट वृन्दावन के छात्र-छात्राओं द्वारा संगीतमय रूप सज्जा प्रस्तुति, ‘कैला मईया के भवन में एवं शोभा बरनी न जाय...’ भजन प्रस्तुति, काव्य पाठ, विधान शुक्ला द्वारा वीर रस कविता पाठ, श्रीजी द्वारा नृत्य प्रस्तुति, ‘दुर्गाष्टकम्’ एवं ‘ऐ गिरिनन्दिनि...’ नृत्य प्रस्तुति, एक दिन की दुर्गा लघु नाट्य, श्रेया गौड़ द्वारा नृत्य प्रस्तुति, रेखारानी द्वारा काव्य पाठ, हर्षिता गौड़ द्वारा नृत्य प्रस्तुति एवं गुरु ज्ञान प्रकाश के निर्देशन में आत्म रक्षा कौशल प्रस्तुति के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये, इस दौरान रोली तिवारी, उषा यादव, अर्चना त्रिपाठी, नन्दिनी मिश्रा, खुशी, राधिका, कीर्ति, तान्या, वैष्णवी, नमृता, मोहिनी, भावना, योगिता, लक्ष्मी, सौम्या, शालू, चिराग और राधाबल्लभ आदि समस्त संस्थान कर्मी उपस्थित रहे ।

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