सरकारी एंबुलेंस सेवा पर सवाल, कबाड़ हो रहीं सरकारी एम्बुलेंस
सरकारी एंबुलेंस सेवा पर सवाल, कबाड़ हो रहीं सरकारी एम्बुलेंस
-शासन द्वारा लगातार प्रयास के बावजूद निजी एंबुलेंस को मजबूर हैं मरीज
राया (मथुरा) । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मरीजों को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 108 और 102 एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था राया में बदहाल नजर आ रही है, राया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाखों रुपये की सरकारी एंबुलेंस कबाड़ की तरह खड़ी धूल फांक रही हैं, सरकारी संसाधनों की इस स्थिति के चलते मरीजों को समय पर एंबुलेंस सुविधा मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं ।
सरकार द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और गर्भवती महिलाओं सहित अन्य जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 108 और 102 एंबुलेंस सेवा संचालित की जा रही है लेकिन राया में स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खड़ी एंबुलेंसों की स्थिति व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है, वहीं मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है, स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर चंद एंबुलेंस के सहारे व्यवस्थाओं को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है ।.png)
ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार मरीजों की सुविधा के लिए लाखों रुपये खर्च कर एंबुलेंस उपलब्ध करा रही है, तो आखिर ये वाहन उपयोग में क्यों नहीं आ रहे हैं ? इस सम्बन्ध मे प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 विपिन कुमार नें जानकारी देते हुए बताया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान मे 5 एम्बुलेंस संचालित है जिनमे राया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो 108 और एक 102 संचालित हैँ, वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनाई पर एक 108 और एक 102 मरीजों की सेवा मे लगी हुई हैं, कुछ एम्बुलेंस जो रखरखाव के आभाव मे कंडम पड़ी हैँ जिनकी रिपोर्ट शासन क़ो भेजी जा चुकी हैं ।













