यम द्वितीया को मिल सकता है राजकीय मेला का दर्जा
यम द्वितीया को मिल सकता है राजकीय मेला का दर्जा
-सांसद हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा मांग पत्र
मथुरा । भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में यम द्वितीया का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, अनूठी परंपरा को सदियों से निभाया जा रहा है, विश्राम घाट पर यमराज और यमुना जी का एकमात्र मंदिर है, यम द्वितीया पर्व मथुरा की पहचान बन गया है, बडी संख्या में श्रद्धालु यम द्वितीया पर्व पर यमुना में स्नान करने के लिए आते हैं, मान्यता है कि भाई बहन यम द्वितीया के दिन एक साथ यमुना में स्नान करते हैं तो उन्हें यम की फांस से मुक्ति मिल जाती है। (76).jpg)
मथुरावासियों की लम्बे समय से मांग रही है कि मेला को राजकीय मेला का दर्ज दिया जाए जिससे व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से हो सकें, ब्रजवासियों की वर्षों पुरानी मांग को मजबूती देते हुए सांसद हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 11 नवंबर को आयोजित होने वाले यम द्वितीया पर्व से पूर्व इसे राजकीय मेला घोषित करने का अनुरोध किया है, धर्मनगरी मथुरा के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले यम द्वितीया मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग अब प्रदेश की सत्ता के शीर्ष तक पहुंच गई है । .png)
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भाई-बहन के एक साथ यमुना स्नान करने से यमराज के दंड और यमपाश से मुक्ति प्राप्त होती है, पत्र में सांसद ने स्पष्ट किया है कि इतने व्यापक धार्मिक महत्व और विशाल जनभागीदारी के बावजूद इस ऐतिहासिक पर्व को अभी तक राजकीय मेले का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है, उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम मथुरा-वृंदावन द्वारा 22 मई को नगर विकास विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक पहल की जा चुकी है ।
हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि 11 नवंबर को होने वाले यम द्वितीया पर्व से पूर्व इस मेले को राजकीय मेला घोषित करें, सांसद हेमा मालिनी ने पांच नवंबर को मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में यम द्वितीया पर्व की धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा है कि संसदीय क्षेत्र मथुरा में भाई दूज को यम द्वितीया के रूप में मनाने की प्राचीन परंपरा है, इस अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु विश्राम घाट पहुंचकर पवित्र यमुना में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं ।















