बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसानों में बढ़ी बेचैनी
बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसानों में बढ़ी बेचैनी
-जिलाधिकारी ने ग्राम चौमुंहा एवं पसौली तथा ग्राम देवी आटस का किया निरीक्षण
मथुरा । जनपद में रूक रूक कर हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को देखने के लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारी खेतों की ओर दौडे, प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, विधायक पूरन प्रकाश, विधायक मेघश्याम सिंह, विधायक राजेश चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह सहित तमाम नेता व अधिकारियों ने खेतों की ओर दौड लगा रहे हैं, विधायक पूरन प्रकाश व एसडीएम सदर अभिनव जैन प्रभावित गांवों में पहुंचे और किसानों का दर्द जाना, परखम, दीनदयाल धाम, विशु, जमालपुर, मुस्तफाबाद, गंजोली, धाना जीवना का भ्रमण किया ।

किसानों ने बताया कि बेमौसम बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है, डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त फसलों का निरीक्षण किया, जनपद में हाल ही में आई तेज़ आंधी, बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने प्रभावित ग्रामों का स्थलीय निरीक्षण किया, उन्होंने तहसील छाता के ग्राम चौमुंहा एवं पसौली तथा तहसील सदर के ग्राम देवी आटस का निरीक्षण किया, उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता को निर्देश दिए कि सभी किसानों के फसलों का सर्वे का कार्य सुनिश्चित करें ।
उन्होंने कहा कि उक्त कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करते हुए किसानों को मुआवजा देने की कार्यवाही को समयबद्धता के साथ किया जाए, सर्वे के कार्यों को पूर्ण पारदर्शिता से करे तथा किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए, जिलाधिकारी ने खेतों में जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, किसानों द्वारा अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षति का आकलन शीघ्रता से पारदर्शी ढंग से किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को शासन द्वारा निर्धारित राहत सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा सके, जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नही बरती जाए और वास्तविक नुकसान का सही आंकलन प्रस्तुत किया जाए ।







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