जनगणना में हो रहे हैं चौंकाने वाले खुलासे, गांवों की गरीबी और मजबूरी
जनगणना में हो रहे हैं चौंकाने वाले खुलासे, गांवों की गरीबी और मजबूरी
-एक घर में रह रहे 19 लोग, कहीं पूरे परिवार में किसी पर भी नहीं है रोजगार
-बिना टीवी, पंखा के छप्पर के मकान पर बकाया है 5 लाख बिजली का बिल
मथुरा । जनगणना 2026 के पहले चरण में चल रही मकान गणना में कुछ बेहद रोचक तो कुछ बेहद डरावनी जानकारियां भी सामने आ रही हैं, विकास के नक्कारखाने में मजबूरी की तूती जनगणना में सुनाई दे रही है, मकान गणना कार्य में लगी एक अध्यापिका ने बताया कि वैसे कोई नहीं देखता है लेकिन इस कार्य के जरिए यह भी पता लग रहा है कि गांवों में आज भी गरीबी का दलदल पसरा है, एक छोटे से मकान में 19 लोग रह रहे हैं ।
वहीं कई जगह तो यह भी सामने आया कि लोगों के पास गुजर वसर करने के लिए काम ही नहीं हैं, मजबूरी में उनकी पत्नियां मजदूरी करने बाहर जा रही हैं, ऐसे कई मामले भी समाने आए हैं कि जैसे बिना टीवी, पंखा के छप्पर के मकान पर 5 लाख बिजली का बिल है, परिवार पर रोजगार नहीं है, पत्नी की कैंसर से मौत हो गई, परिवार के मुखिया का थ्रेसर में आकर हाथ कट गया, ऊपर से बिजली वाले बिल जमा करने का दबाव बना रहे हैं जबकि परिवार चूल्हा जलाने की जद्दो जहद में जुटा रहता है, इस तरह के तमाम मामले सामने आ रहे हैं ।
कई बार तो जानकारी देते हुए अपनी लाचारी पर परिवार के मुखिया की आंखें नम हो जाती हैं, जनगणना के पहले फेस में मकानों की गणना सरकार द्वारा कराई जा रही है, इसके सवालों से ग्रामीण चौंक जाते हैं तो कई बार जानकारी देने में खुद को असहज भी महसूस करते हैं, तैंतीस सवालों के प्रपत्र में ग्रामीणों से रेडियो और साइकिल के बारे में भी पूछा जा रहा है, यहां तक कि अनाज कैसा खा रहे हैं, यह भी बताना पड़ रहा है, रेडियो का जमाना कब का लद चुका है, सरकार के आकाशवाणी केंद्र भी बंद हो गए है, इसके बाद भी रेडियो के बारे में पूछा जा रहा है ।
दूसरा साइकिल का भी एक कॉलम है, कीपैड मोबाइल के बारे में भी जानकारी मांगी जा रही है, घरों में नेट, कच्चे पक्के फर्श, दीवारें, चूल्हे और कार आदि की जानकारी भी की जा रही है, सबसे बड़ा रोचक सवाल यह है कि आप आटा कौन सा प्रयोग कर रहे हैं, गेहूं, बाजरा ज्वार या चना, अध्यापिका रेनू तिवारी ने बताया कि सरकार द्वारा मांगी गई जानकारी के अनुसार ही ग्रामीणों से सवाल पूछे जा रहे हैं और मौके पर देखा जा रहा है, राष्ट्रीय जनगणना इस बार 2021 की बजाय 2026 में कराई जा रही है, 31 मई तक आंकड़े इन्हें भेजने होंगे, तपती गर्मी में डोर टू डोर सर्वे करने से इनके हलक सूख रहे हैं ।







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