बिजली बिल में 10 प्रतिशत फ्यूल चार्ज लगाने का शुरू हुआ विरोध
बिजली बिल में 10 प्रतिशत फ्यूल चार्ज लगाने का शुरू हुआ विरोध
-सपा पार्षद ने बताया आम जनता की पीठ में छुरा घोंपने जैसा सरकार का फैसला
मथुरा । पार्षद मुन्ना मलिक ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली बिलों में 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार बढ़ाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक दमनकारी कदम बताया है, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता पहले से ही रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी और घंटों की अघोषित बिजली कटौती से बुरी तरह त्रस्त है, ऐसे विकट समय में जनता को राहत देने के बजाय डबल इंजन सरकार ने जून महीने से ही बढ़ा हुआ बिल वसूलने की तैयारी कर आमजन, किसानों और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।
पार्षद मुन्ना मलिक ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा जारी आधिकारिक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जब सेवा के नाम पर शून्य और कटौती के नाम पर घंटों की प्रताड़ना मिल रही है, तो उपभोक्ता अतिरिक्त चार्ज किस बात का दें ? पार्षद मुन्ना मलिक ने सरकार से कुछ कड़े सवाल पूछे हैं, मथुरा सहित पूरे प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में घंटों बिजली गायब रहती है। लोग रात रात भर उमस और गर्मी में सो नहीं पा रहे हैं, यूपी पावर कॉरपोरेशन के घाटे, भ्रष्टाचार और सरकार की गलत नीतियों की विफलता का हर्जाना प्रदेश की गरीब व मध्यमवर्गीय जनता अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई से क्यों भरे ?
पार्षद मुन्ना मलिक ने चेतावनी दी है कि सिर्फ कागजी दावों और हवाई घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, सरकार को बिजली के बढ़े दाम हर हाल में वापस लेने होंगे, यह तानाशाही और जनविरोधी फैसला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा, अगर इस बढ़े हुए 10 प्रतिशत अधिभार को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो हम जनता के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से लड़ेंगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने अंत में क्षेत्र की समस्त जनता, किसानों और व्यापारियों की तरफ से इस बढ़े हुए बिजली बिल का पुरजोर विरोध किया है और इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की है ।







.jpeg)









