संस्कार और संस्कृति की जननी है संस्कृत भाषा
संस्कार और संस्कृति की जननी है संस्कृत भाषा
-कार्यक्रम में उत्तराखंड, मेरठ, ब्रज प्रांत के प्रशिक्षणार्थी ले रहे हैं भाग
मथुरा । संस्कृत भाषा को जनसाधारण की भाषा बनाने के उद्देश्य से संस्कृत भारती पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र का 17 जून तक चलने वाले 12 दिवसीय आवासीय प्रबोधन वर्ग का श्री कृष्ण चंद्र गांधी सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज में वैदिक विधि विधान के साथ शुभारंभ हो गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व हिन्दू परिषद ब्रज प्रांत अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि डॉ0 हरिकृष्ण भदौरिया ने संस्कृत भाषा को ज्ञान विज्ञान की भाषा बताते हुए कहा संस्कार और संस्कृत भाषा संस्कृति की जननी है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत भारती ब्रज प्रांत न्यास अध्यक्ष ओमप्रकाश बंसल ने की, पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संगठन मंत्री देवेन्द्र पंड्या ने बताया कि 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण वर्ग उत्तराखंड, मेरठ व ब्रज प्रांत के प्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित किया गया है जिसमें 100 से अधिक प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं, यह सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात अपने अपने प्रांतों में संस्कृत भाषा का घर-घर प्रचार प्रसार करेंगे, संस्कृत भारती ब्रजप्रांत अध्यक्ष तुलसी देवी ने कहा वर्तमान में विश्व के अनेक देशों में संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है, ब्रज प्रांत मंत्री डॉ0 धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल ने अतिथियों का परिचय दिया ।
संस्कृत भारती जिलाध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, उपाध्यक्ष आचार्य मुरलीधर चतुर्वेदी, हरस्वरूप यादव, प्रधानाचार्य विनय सिंह, राजीव पाठक, प्रदीप श्रीवास्तव, संपर्क प्रमुख संदीप चौधरी, सुभाष सैनी,राधाकांत,डा. जमुना शर्मा, कविता सक्सेना आदि ने अतिथियों को श्रीफल व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया, ब्रज प्रांत सहमंत्री गौरव गौतम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत भारती विभाग संयोजक श्याम सुंदर शर्मा ने किया, उद्घाटन समारोह का समापन कल्याण मंत्र के साथ किया गया ।







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