होटल, गैस्ट हाउस व कोचिंग संस्थानों पर सील की कार्यवाही पर उठाये सवाल
होटल, गैस्ट हाउस व कोचिंग संस्थानों पर सील की कार्यवाही पर उठाये सवाल
-लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन द्वारा की जा रही है व्यवसायिक भवनों पर कार्यवाही
-व्यापारी नेता व छात्र अभिभावक कल्याण संघ के अध्यक्ष ने प्रशासनिक कार्यवाही पर लगाया सवालिया निशान
मथुरा । लखनऊ अग्निकांड हादसे के बाद प्रशासन अपनी नाकामी व भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए अनियमित व गलत तरीके से व्यावसायिक भवनों व छात्रों का अहित कर रहा है जिससे दोषी अधिकारियों को बचाया जा सके, उक्त वक्तव्य नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर महामंत्री व छात्र अभिभावक कल्याण संघ के संरक्षक शशिभानु गर्ग ने दिया है ।
शशिभानु गर्ग ने कहा कि उस समय जिम्मेदार अधिकारी चाहे वह मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण, नगर निगम व अन्य प्रशासनिक रहे हो कहां सो गए थे जब कुकरमुत्तौ की तरह मथुरा व वृंदावन में यह गेस्ट हाउस व होटल खुल रहे थे, हजारों लोगों से लाखों रुपया वर्ष की फीस जमा करने के बाद अपने बच्चों के भविष्य के लिए इन कोचिंग संस्थानों में दाखिला दिलाने वाले मां-बाप आज इन कोचिंगों के बंद होने पर अपने बच्चों के भविष्य के साथ-साथ दी गई फीस के लिए बहुत चिंतित है, वह मारे-मारे डोल रहे हैं, ऊपर से प्रशासन द्वारा हठधार्मिता करते हुए उन भवनो को सील किया जा रहा है जिनमें छोटे-छोटे दुकानदार अपनी आजीविका चलाने के लिए अपना व्यापार करते हैं, उन दुकानों को भी उन भवनो के साथ सील करके प्रशासन द्वारा मानवीय दृष्टिकोण से भी गलत किया जा रहा है ।
व्यापारी व छात्र नेता शशिभानु गर्ग ने कहा कि प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इन सभी भवन मालिकों को समय देते हुए नोटिस देना चाहिए जिससे तय समय में यह जरूरी मानकों को पूरा कर सके अन्यथा की स्थिति में भवनो को सील किया जाना चाहिए, इसी तरह विद्यार्थियों के भविष्य व अभिभावकों की चिंता को देखते हुए इसका भी समुचित समाधान करना चाहिए, सील की कार्यवाही अंतिम विकल्प होना चाहिए, इसके साथ ही इसके जिम्मेदार विभिन्न विभागों के अधिकारियों के खिलाफ भी विस्तृत जांच कर आवश्यक कठोर कार्यवाही होनी चाहिए ।







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