बड़ा सवाल : आखिर कितने सुरक्षित है मथुरा में विद्यालय परिसर
बड़ा सवाल : आखिर कितने सुरक्षित है मथुरा में विद्यालय परिसर
-प्रशासन की त्रिस्तरीय जांच से खुल सकती है विद्यालय परिसर की सुरक्षा की पोल
मथुरा । लखनऊ कोचिंग सेंटर में अग्निकांड की घटना के बाद जनपद में होटल, माल, गेस्ट हाउस, कोचिंग सेंटर पर लगातार कार्यवाही अग्निशमन को लेकर लगातार हो रही है, जिले के गली गली खुले विद्यालयों में खुले विद्यालयों में अग्नि लगाने और भूकंप आने पर कितने सुरक्षित हैं, इस ओर अभी तक जिला प्रशासन का ध्यान नहीं दिया है, जनपद में माध्यमिक ओर बेसिक शिक्षा विभाग का नियंत्रण रहता हैं जिसकी मॉनिटरिंग जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी द्वारा की जाती हैं ।
जिला में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत एडेड माध्यमिक विद्यालय की संख्या 93, राजकीय माध्यमिक विद्यालय की संख्या 37 और वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों की संख्या लगभग 400 के आसपास है। इसी प्रकार बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1500 प्राथमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित है और अधिकतर उसी भवन में आंगनबाड़ी केंद्र खुले हुए है, वहीं हजारों की संख्या में प्राईवेट विद्यालय संचालित हो रहे है, यदि बात करे सुरक्षा की तो एडेड माध्यमिक विद्यालय का संचालन सीधे सरकार के नियंत्रण में नहीं रहता है ओर अधिकतर विद्यालयों के पास आग बुझाने के उपकरण नहीं है तथा भूकंप आने पर वह कितने सुरक्षित हैं उसका कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
वही दूसरी ओर अग्निशमन विभाग और भूकंप मापन विभाग द्वारा भी ध्यान नहीं देना भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, जिला प्रशासन यदि त्रिस्तरीय जांच कराए तो चूक होने की संभावना कम रहेगी और किसी भी आपात स्थिति उत्पन्न होने से पूर्व नियंत्रित किया जा सकता है, त्रिस्तरीय जांच जिला भर में थाना चौकी के द्वारा उनके क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की हो सकती है, दूसरी जांच शिक्षा विभाग द्वारा की जा सकती हैं, इसी प्रकार तीसरे स्तर पर प्रशानिक स्तर पर नगर पालिका, जिला पंचायत, एमवीडीए, लोक निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग आदि सरकारी विभाग से करा सकता हैं ।







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