शौचालय पर ताले, शिलापट्ट पर विकास, सुविधाओं की जमीनी हकीकत
शौचालय पर ताले, शिलापट्ट पर विकास, सुविधाओं की जमीनी हकीकत
-गोकुल में सार्वजनिक शौचालयों पर ताले और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर उठे सवाल
मथुरा । भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी धार्मिक नगरी गोकुल में विकास कार्यों को लेकर किए जा रहे दावों की हकीकत अब सवालों के घेरे में है, देश-विदेश से श्रद्धालु यहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थलियों के दर्शन और परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं लेकिन उन्हें कई स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझना पड़ रहा है ।(177).jpg)
गोकुल परिक्रमा मार्ग की स्थिति भी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को यह पता लगाने में कठिनाई होती है कि परिक्रमा मार्ग कहां से शुरू होता है और किस रास्ते से होकर गुजरता है, मार्ग को लेकर स्पष्ट संकेतक और जरूरी व्यवस्थाओं का अभाव दिखाई देता है, वहीं पूतना कुंड सहित अन्य स्थानों पर विकास कार्यों के लोकार्पण के शिलापट्ट तो नजर आते हैं लेकिन मौके पर किए गए कार्यों की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
गोकुल नगर पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लटके हुए दिखाई दे रहे हैं, ऐसे में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, कुछ स्थानों पर नाली, सड़क, पेयजल और तालाबों के सौंदर्गीकरण से जुड़े कार्यों को लेकर भी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में असंतोष है, एक शिलापट्ट पर नाली और सड़क निर्माण का उल्लेख है लेकिन मौके पर नाली दिखाई नहीं देने का दावा किया जा रहा है ।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विकास कार्य केवल शिलापट्ट लगाने तक सीमित हैं या वास्तव में धरातल पर भी उनका लाभ लोगों और श्रद्धालुओं को मिल रहा है ? क्या संबंधित अधिकारी गोकुल पहुंचकर इन विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे ? सामने आई तस्वीरों ने गोकुल के विकास कार्यों की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, धार्मिक नगरी की गरिमा और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इन समस्याओं का शीघ्र समाधान जरूरी है ।







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