सिपाही भर्ती में गिरफ्तार सॉल्वर की जमानत याचिका खारिज
सिपाही भर्ती में गिरफ्तार सॉल्वर की जमानत याचिका खारिज
-जिला कारागार में 22 अगस्त से निरुद्ध है अभियुक्त अनुज कुमार
मथुरा । आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2025 में दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर फर्जी आवेदन कर शारीरिक परीक्षा देने के आरोपी की जमानत याचिका सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है, थाना सदर बाजार में दर्ज मुकदमा में आरोपी अनुज कुमार पुत्र पुरुषोत्तम सिंह निवासी जहांगीरपुर, थाना सिरसागंज, जिला फिरोजाबाद पर आरोप है कि उसने अभ्यर्थी अनुज कुमार पुत्र सुरेन्द्र सिंह के आवेदन में कूटरचना कर अपनी फोटो लगाई और डीवी, पीएसटी में उसके स्थान पर स्वयं उपस्थित हुआ, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था ।.jpg)
पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3), 61(2), 340(2) व उ.प्र. सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा 4(1), 13(2) के तहत कार्रवाई की है, जमानत प्रार्थना पत्र में आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि वह पूर्णतः निर्दाेष है, उसे झूठा फंसाया गया है, उसने भर्ती कराने के लिए न तो रुपये लिए, ना ही वह भर्ती कार्यालय आया, उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 22 अगस्त से जिला कारागार में बंद है ।
जिला शासकीय अधिवक्ता डीजीसी क्राइम शिवराम सिंह ने विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पुलिस विभाग का कर्मचारी है, फिर भी उसने कानून के अधीन सार्वजनिक पद पर धोखाधड़ी कर गलत चयन का प्रयास किया, इस तरह की धांधली से परीक्षाएं टलती, निरस्त होती हैं जिससे लाखों बेरोजगार अभ्यर्थी हतोत्साहित होते हैं और मानसिक पीड़ा झेलते हैं, विवेचना में आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य हैं और वह प्रथम सूचना रिपोर्ट में स्पष्ट नामजद है, सत्र न्यायाधीश विकास कुमार-प्रथम ने आदेश देते हुए कहा कि झूठा फंसाए जाने का कोई यथोचित कारण नहीं दर्शाया गया है। तथ्यों व परिस्थितियों के प्रकाश में बिना गुण दोष पर जाए भी जमानत का कोई समुचित आधार प्रतीत नहीं होता, जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है ।



















