निजीकरण के विरोध में विद्युत विभाग के कर्मियों ने काटा हंगामा
निजीकरण के विरोध में विद्युत विभाग के कर्मियों ने काटा हंगामा
-गुरुवार को बिजली इंजीनियर एवं कर्मियों ने कैंट कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन
मथुरा । विद्युत विभाग के इंजीनियरों और कर्मियों ने गुरुवार को निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध एवं पुरानी पेंशन बहाल करने की मांगों को लेकर कैंट कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की, इस दौरान उन्होंने निजीकरण का टेंडर हुआ तो ‘जेल भरो आंदोलन’, बिल पारित करने की कोशिश पर ‘लाइटनिंग एक्शन’ की चेतावनी दी और बैठक में एकजुट रहने की अपील की ।
गुरुवार को कैंट पर हुए प्रदर्शन में विद्युत विभाग के कर्मियों की संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई और निजीकरण के लिए टेंडर जारी किया गया तो सभी बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारम्भ करेंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी, समिति ने यह भी कहा कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने का प्रयास किया गया तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी ।
देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के तत्काल कार्य बंद कर ‘लाइटनिंग स्ट्राइक’ पर चले जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी, इस शांतिपूर्ण और अनुशासित आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिजली कर्मी निजीकरण के विरुद्ध और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं, प्रदर्शन में संयोजक इंजी0 राहुल चौरसिया, इंजी0 अजीत सिंह, इंजी0 अशोक यादव, इंजी0 संदीप पटेल, निविदा संवर्ग ज़िलाध्यक्ष रामकुमार, डालचन्द्र, अशोक शर्मा, आशु, कमल आदि उपस्थित रहे ।







.jpeg)













