नगर निगम ने 25 दुकानों को बडे माल में किया तब्दील, पार्षदों ने जताया आक्रोश
नगर निगम ने 25 दुकानों को बडे माल में किया तब्दील, पार्षदों ने जताया आक्रोश
मथुरा । नगर निगम में सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग और नियमों को ताक पर रखकर निजी लाभ कमाने का एक बड़ा मामला सामने आया है, वृन्दावन के केमार वन विद्यापीठ क्षेत्र में नगर निगम की लगभग 25 दुकानों का स्वरूप बदलकर उन्हें एक बड़े मॉल में तब्दील कर दिया गया है, इस मामले में पार्षदों ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर राजस्व की भारी चपत लगाने का आरोप लगाते हुए जांच और आवंटन निरस्त करने की मांग की है ।
पार्षद राजीव कुमार सिंह, मुन्ना मलिक और कुलदीप पाठक, नीलम गोयल पार्षद, गुलशन द्वारा नगर आयुक्त को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार कैमार वन विद्यापीठ के पास नगर निगम की भूमि पर करीब 25 दुकानें आवंटित की गई थीं, आरोप है कि इन आवंटियों ने निगम के नियमों के विरुद्ध जाकर दुकानों की दीवारों को हटाकर उसे एक आलीशान मॉल का रूप दे दिया, शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह भी है कि इस नवनिर्मित मॉल को ‘नाथूराम स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट’ को लाखों रुपये महीने के किराए पर (शिकमी किरायेदार के रूप में) उठा दिया गया है ।
नियमों के मुताबिक आवंटित संपत्ति को इस तरह व्यावसायिक रूप से उप-किराये पर देना पूरी तरह प्रतिबंधित है, पार्षदों का कहना है कि जहाँ निगम को मामूली किराया मिल रहा है, वहीं आवंटी सरकारी जमीन पर लाखों की कमाई कर रहे हैं जिससे नगर निगम को सीधे तौर पर बड़े राजस्व की हानि हो रही है, पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यह निर्माण ना केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाने की एक सोची-समझी साजिश है, उन्होंने नगर आयुक्त से मांग की है कि मामले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, नियमों का उल्लंघन करने वाले आवंटियों का आवंटन तत्काल निरस्त किया जाए, पूरी संपत्ति को कब्जे में लेकर पुनः पारदर्शी तरीके से आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि निगम की आय बढ़ सके ।







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