10 अप्रेल के हादसे के बाद मथुरा को मिली एसडीआरएफ
10 अप्रेल के हादसे के बाद मथुरा को मिली एसडीआरएफ
-दुर्घटना होने पर गोल्डन आवर में तुरंत शुरू हो सकेगा राहत कार्य
मथुरा । आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा के दृष्टिगत जनपद में घटित होने वाली विभिन्न प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं से त्वरित व प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक प्लाटून को स्थायी रूप से मथुरा में तैनात कर दिया गया है, स्थानीय स्तर पर एसडीआरएफ की स्थायी मौजूदगी से गोल्डन ऑवर (घटना के ठीक बाद का महत्वपूर्ण समय) में तुरंत राहत कार्य शुरू हो सकेगा ।
मानसून के दौरान यमुना नदी में आने वाली बाढ़ और तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने में यह प्लाटून मुख्य भूमिका निभाएगी, एसडीआरएफ की यह स्थायी प्लाटून स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी, मथुरा में एसडीआरएफ की यह स्थायी तैनाती न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि यहां आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है, यह कदम जनपद को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आत्मनिर्भर बनाता है ।
यमुना नदी में 10 अप्रैल को नाव पलटने के हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी, घटना के बाद यमुना में परिवहन और श्रद्धालु पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे थे, जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए नाविकों के पंजीकरण और नाव व स्टीमर की फिटनेस जांचने जैसे कदम उठाए हैं, इस दौरान मथुरा में कभी तैनात रहने वाली रिवर पुलिस को लेकर भी सवाल उठे थे, डीएम एसपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने रिवर पुलिस की तैनाती किये जाने की बात कही थी, इस बड़े हादसे के बाद अब एसडीआरएफ की एक प्लाटून स्थाई तौर पर मथुरा में तैनात कर दी गई है, इससे यमुना में होने वाली जनहानि को काफी हद तक कम करने में प्रशासन को मदद मिलेगी ।







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