तीन दिन हड़ताल पर रहेंगे ई रिक्शा चालक, किया ऐलान
तीन दिन हड़ताल पर रहेंगे ई रिक्शा चालक, किया ऐलान
-चालक कर रहे हैं लगातार चालान और सीज करने की कार्यवाही का विरोध
-मथुरा-वृंदावन में 12 से 14 जुलाई तक सड़क पर नहीं दौड़ेंगे 27 हजार ई रिक्शा
मथुरा । शनिवार को मथुरा वृंदावन शहरों में संचालित ई रिक्शा चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है, प्रस्तावित हड़ताल 12, 13 और 14 जुलाई को होगी, अगर आप 12, 13 या 14 जुलाई को मथुरा वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है, ऐसे में इन तीन दिनों के दौरान श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि ई रिक्शा चालकों के मध्य पूरी तरह सहमति बन पाना आसान नहीं है, ऐसे में हड़ताल का आंशिक असर भी देखने को मिल सकता है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो निर्धारित तीन दिनों तक मथुरा-वृंदावन में ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा, फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, ई रिक्शा समिति के सदस्य राजकुमार कुशवाह ने बताया कि मथुरा वृंदावन में करीब 27 हजार ई-रिक्शा चालक पिछले चार महीनों से लगातार समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से चालकों पर 20-20 हजार रुपए तक के भारी चालान किए जा रहे हैं ।
इसके अलावा बड़ी संख्या में ई रिक्शा वाहनों को सीज किया जा रहा है और रूट प्रक्रिया के नाम पर लगातार कार्रवाई की जा रही है जिससे चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, यदि हड़ताल होती है तो हजारों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, यूनियन का आरोप है कि पिछले चार महीनों से पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है, छोटी-छोटी बातों पर 20-20 हजार रुपये तक के भारी चालान किए जा रहे हैं और वाहनों को सीज किया जा रहा हैन।
राजकुमार कुशवाह ने यह भी बताया कि रूट नंबर आवंटित करने के नाम पर चालकों से 3 हजार रुपये लिए गए थे, इसके बावजूद न तो कोई स्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, उन्होंने आरोप लगाया कि रूट प्रणाली चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है और इसके नाम पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, ऑटो यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि रूट सिस्टम को पूरी तरह समाप्त किया जाए, इसके साथ ही भारी चालान और वाहन सीज करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा चालकों के लिए उचित पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ।







.jpeg)









